होस्नी ने दिए और सख़्ती के संकेत

काहिरा में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उतरी सेना इमेज कॉपीरइट Getty Images

मिस्र को हिला देने वाले विरोध प्रदर्शनों के बीच राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने सुरक्षा बलों की भूमिका का समर्थन किया है.

उन्होंने कहा है कि वे मिस्र को अस्थिर करने की अनुमति नहीं दे सकते और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए प्रतिबंध लागू किए जाएँगे.

विरोध प्रदर्शन के बाद अपने पहले संबोधन में होस्नी मुबारक ने अपनी सरकार को बर्खास्त करने की घोषणा करते हुए कहा है कि वे शनिवार को नई सरकार का गठन करेंगे.

उन्होंने देश में सामाजिक, लोकतांत्रिक और आर्थिक सुधार लागू करने का आश्वासन दिया है.

इस बीच अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के मानवाधिकार का ख़याल रखने की अपील करते हुए कहा है कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुननी चाहिए.

देश की राजधानी काहिरा के अलावा स्वेज़, अलेक्ज़ान्द्रा सहित कई शहरों में हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतर कर सरकार के ख़िलाफ़ व्यापक प्रदर्शन किए हैं.

प्रदर्शनकारी बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और लगातार बढ़ते दामों को लेकर राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

कई जगह तो़ड़फोड़ और आगज़नी की घटनाएँ हूई हैं.

इन प्रदर्शनों के बीच अब तक 26 लोगों की जानें जा चुकी हैं.

हिंसक प्रदर्शन

कई दिनों से चला रहा विरोध प्रदर्शन शुक्रवार की नमाज़ के बाद और व्यापक हो गया और कई शहरों में हज़ारों लोग विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए.

प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ और उनकी सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे.

प्रशासन ने प्रदर्शनों को रोकने के लिए हज़ारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था और काहिरा में सेना के टैंक गश्त लगा रहे थे. जगह-जगह प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज हुआ, आँसू के गोले छोड़े गए और पानी की बौछार की गई.

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Image caption कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारी ट्यूनिशिया में हुए परिवर्तन से प्रेरित हुए हैं

प्रशासन ने स्थानीय समय के अनुसार शाम छह बजे से सुबह सात बजे तक कर्फ़्यू लगाने की घोषणा की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उसका उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन जारी रखा.

प्रदर्शनकारियों ने सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी के मुख्यालय में आग लगा दी.

उन्होंने सरकारी टेलीविज़न चैनल और विदेश मंत्रालय की घेरेबंदी कर ली थी.

स्वेज़ शहर में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है. चिकित्सा सूत्रों ने काहिरा में कम से कम पाँच लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के बीच बीबीसी अरबी सेवा के एक पत्रकार को सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने पीटा है. इसके बाद बीबीसी ने मिस्र के अधिकारियों के सामने विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है.

इंटरनेट और मोबाइल फ़ोन की सेवाएँ गुरुवार से ही बुरी तरह से बाधित हैं. चूंकि प्रदर्शनकारियों ने एसएमएस और सोशल नेटवर्किंग साइटों का ख़ूब उपयोग किया इसलिए कहा जा रहा है कि इसे जानबूझ कर बाधित किया गया है.

माना जा रहा है कि 1981 में सत्ता संभालने के बाद से होस्नी मुबारक़ पहली बार इतना व्यापक विरोध प्रदर्शन झेल रहे हैं.

इस्तीफ़ा नहीं दूंगा: मुबारक

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Image caption मुबारक के शासन काल में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर रोक रही है

मिस्र में सरकार के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ ने अपनी सरकार को बर्खास्त करने और नई सरकार के गठन का वादा किया है.

लेकिन उन्होंने ख़ुद इस्तीफ़ा देने से इनकार कर दिया है.

टेलीविज़न पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में मुबारक ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ सुरक्षा कर्मियों की कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि इन प्रदर्शनों से मिस्र में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी और वह किसी भी क़ीमत पर ऐसा नहीं होंगे देंगे.

उन्होंने कहा, "मैं अपनी सरकार को बर्खास्त करता हूं और वादा करता हूं कि मिस्र में सामाजिक, लोकतांत्रिक और आर्थिक सुधार लागू किए जाएंगे. मैं प्रदर्शनकारियों से अपील करता हूं कि वो सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और देश में अस्थिरता के दौर की शुरुआत न करें."

उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों से मिस्र के लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और मिस्र के सुरक्षित भविष्य के लिए जो भी कार्रवाई ज़रूरी होगी वह की जाएगी.

प्रदर्शनकारियों ने कहा है कि वे मुबारक के इस संदेश से बेहद निराश हुए हैं.

मिस्र की जनता के साथ: ओबामा

होस्नी मुबारक के संदेश के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मिस्र के राष्ट्रपति होसनी मुबारक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी जानी चाहिए. उन्होंने कहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों के हक़ में अमरीका मिस्र जनता के साथ है.

उन्होंने कहा, ''हम मिस्र की सरकार से अपील करते हैं कि वो प्रदर्शनकारियों के मानवाधिकारियों का ख्याल रखे और उनके खिलाफ़ हिंसा और बल का प्रयोग न किया जाए. प्रदर्शनकारियों से भी हमारी अपील है कि वो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाएं.''

ओबामा ने कहा कि राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद उन्होंने होस्नी मुबारक से बात की है.

उनका कहना था कि मुबारक ने मिस्र में सुधारों को लेकर जनता से जो वादा किया है उसे जल्द से जल्द पूरा करना मुबारक की ज़िम्मेदारी है.

उन्होंने कहा कि किसी भी देश में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं लोकतंत्र का हिस्सा हैं और इन सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल किया जाए.

इससे पहले संवाददाताओं से बात करते हुए अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा था कि मुबारक को यह समझना होगा कि सरकार हिंसात्मक तरीक़े से आम लोगों की परेशानियों और मांगों पर रोक नहीं लगा सकती.

ग़ौरतलब है कि मिस्र को अमरीका की ओर से बड़ी तादाद में आर्थिक मदद मिलती है और मिस्त्र के लिए अमरीका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है.

इससे पहले अमरीका ने घोषणा की थी कि ताज़ा स्थिति को देखते हुए वह मिस्र को दी जाने वाली 1.5 अरब डॉलर की मदद पर फिर विचार करेगा.

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