हज़ार फ़ीट से गिरकर उठा पर्वतारोही

हेलिकॉप्टर इमेज कॉपीरइट BBC World Service

एक पर्वतारोही जो 1000 फ़ीट की ऊंचाई से गिरा, न सिर्फ़ ज़िंदा बच गया बल्कि जब बचाव दल उनके पास पहुँचा तो वे अपने पैरों पर खड़े थे और एक मानचित्र पढ़ रहे थे.

ब्रिटेन के शहर ग्लासगो के 35 वर्षीय पर्वतारोही उत्तरी ब्रिटेन के पहाड़ी इलाक़े स्गर कोइनिक मोर की चोटी से पांव फिसलने के कारण पूर्वी ढलान की तरफ़ गिरे जहाँ से बचना लगभग नामुमकिन था क्योंकि यह ढलान लगभग सीधी है.

वह उन 24 पर्वतारोहियों में शामिल थे जो स्गर कोइनिक मोर की चोटी पर पहुँचे थे, ये पर्वतीय इलाक़ा बेन नेविस के पास स्थित है और शौक़िया पर्वतारोहियों की पसंदीदा जगह है.

हेलिकॉप्टर बचाव दल के लेफ़्टीनेंट टिम बार्कर ने कहा, "ये असंभव लगता है.... गिरते उसने ज़रूर उड़ना शुरू कर दिया होगा."

जब ये हादसा हुआ, उस वक़्त आयरशायर के प्रेस्विक का एचएमएस गैनेट हेलिकॉप्टर अपनी प्रशिक्षण उड़ान पर था और हादसे के फ़ौरन बाद स्थानीय समय के मुताबिक़ वह ढाई बजे के बाद वहाँ पहुंचा.

बार्कर ने कहा कि ग्लास्गो का वह पर्वतारोही "ज़बरदस्त मानसिक सदमे" से कांप रहा था.

भाग्यशाली

रॉयल नेवी की सी किंग हेलिकॉप्टर के बार्कर ने कहा, "जब हम लोगों ने घटनास्थल के पास जाकर हेलिकॉप्टर से चक्कर लगाना शुरू किया तो देखा कि नीचे एक आदमी खड़ा हुआ है."

उन्होंने कहा, "हमने सोचा कि वह कोई और आदमी है क्योंकि वह अपने पैरों पर खड़ा था और एक मानचित्र पढ़ रहा था जहां उसके सिर के ऊपर एक के बाद एक तीन नुकीली चट्टाने थीं."

उन्होंने कहा, "हमें यक़ीन ही नहीं आया इसलिए हम फिर ऊपर गए जहां हमें उसका कुछ सामान मिला जो फिसलने के क्रम में गिर गया था."

एक सैनिक डाक्टर को वहाँ ले जाया गया जिसने बताया कि उसे कोई गहरी चोट नहीं हैं, शरीर पर कुछ कटे के निशान हैं और सीने में एक हल्का सा ज़ख़्म है.

लेफ़्टीनेंट बार्कर ने कहा, "वह बहुत ही भाग्यशाली है, यक़ीन ही नहीं आता कि कोई उतनी ऊंचाई से ख़तरनाक खाई में गिरे, अपने पैरों पर खड़ा रहे और अस्पताल ले जाते समय हम लोगों से बात भी करे."

उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें हादसे की ख़बर हुई और ये पता चला कि वो किस इलाक़े में गिरा है तो वे तो यह सोच कर चले थे कि बड़ा ही भयानक मंज़र देखने को मिलेगा.

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