बर्मा में संसद सत्र की शुरुआत

बर्मा चुनाव

बर्मा में नवगठित संसद के पहले सत्र की शुरुआत हो रही है. बर्मा में पिछले साल नवंबर में चुनाव हुए थे.

इन चुनावों की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी आलोचना की थी और इनका लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची ने बहिष्कार किया था.

आलोचकों का कहना है कि बर्मा में अब भी सत्ता सेना की हाथ में है.

बीस वर्ष बाद हुए इन चुनावों में सेना समर्थित दल यूनियन सॉलिडरिटी ऐंड डवलेपमेंट ने जीत हासिल की थी.

चुनावों में विपक्षी दलों और उनके उम्मीदवारों पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए गए थे.

इसके अलावा चुनावों में एक चौथाई सीटें सेना के सदस्यों के लिए आरक्षित थीं.

चुनावों के बाद संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति ने एक प्रस्ताव पारित कर कहा था कि बर्मा में हुए चुनाव न तो स्वतंत्र थे और न ही निष्पक्ष.

लेकिन चीन ने बर्मा का ये कहते हुए बचाव किया था कि सैनिक सरकार पर उंगली उठाने से मानवाधिकारों की रक्षा नहीं होगी.

संबंधित समाचार