मिस्र में प्रदर्शनों का दौर जारी

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Image caption मिस्र में मंगलवार को एक व्यापक प्रदर्शन की तैयारी हो रही है.

मिस्र में लगातार सातवें दिन हज़ारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और हड़ताल का आह्वान किया है. हालांकि राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने गृह और वित्त मंत्री को पद से हटा दिया है.

शुक्रवार के बाद पुलिस को सड़कों से हटा लिया गया था लेकिन अब फिर पुलिस को निर्देश दिए गए हैं लेकिन ये साफ नहीं है कि वो काहिरा के बीचोबीच प्रदर्शनकारियों को रोकेंगे या नहीं.

प्रदर्शनकारी मंगलवार को एक बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं.

प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि राष्ट्रपति अपने पद से इस्तीफ़ा दें लेकिन राष्ट्रपति ने कहा है कि वो राजनीतिक सुधार करेंगे.

राष्ट्रपति ने अपने प्रधानमंत्री अहमद शफीक को आदेश दिया है कि वो लोकतांत्रिक सुधार करें और नई नौकरियों की व्यवस्था करें.

संवाददाताओं का कहना है कि प्रदर्शनकारी लोकतांत्रिक सुधारों पर नहीं मानेंगे और वो राष्ट्रपति मुबारक के इस्तीफ़े से कम कुछ भी स्वीकार करने को तैयार नहीं दिखते हैं.

इस बीच निवेशक संस्था मूडीज़ ने मिस्र की रेटिंग कम कर दी है और उसे स्थिर से नकारात्मक में डाल दिया है. इससे पहले फिच़ रेटिंग्स ने भी हालिया राजनीतिक संकट के मद्देनज़र मिस्र की रेटिंग कम की थी.

रेटिंग घटने के बाद राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री युसुफ़ बुतरस घाली को पद से हटा दिया है क्योंकि प्रदर्शनों का प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है.

इतना ही नहीं गृह मंत्री हबीब अल अदली को भी बर्खास्त कर दिया गया है. आलोचकों का मानना है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने के पीछे अदली का ही हाथ था.

इन्हीं रेटिंग्स के आधार पर किसी देश में विदेशी निवेश बढ़ता घटता है.

लाखों की संख्या में प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी भले ही एकजुट दिख रहे हों लेकिन विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा है.

सबसे बड़ा विपक्षी दल मुस्लिम ब्रदरहुड मुबारक के साथ बातचीत करने के लिए अब सर्वमान्य नेता प्रतीत हो रहे मोहम्मद अल बारादेई का समर्थन करता नहीं दिख रहा है.

संवाददाताओं का कहना है कि मिस्र में सातवें दिन तहरीर चौक पर कम से कम 50 हज़ार लोग इकट्ठा हुए हैं.

बीबीसी के काहिरा संवाददाता जिम म्युर का कहना है कि तहरीर चौक पर मौजूद टैंकों में सैनिक लोगों की आवाजाही रोक नहीं रहे हैं और बहुत शांत प्रतीत हो रहे हैं.

उधर सड़कों पर चहल पहल बढ़ी है और व्यवस्था ठीक हो रही है.

विपक्षी गुटों ने मोहम्मद अल बारादेई को मुबारक से बातचीत के लिए चिह्नित किया है लेकिन मुसलिम ब्रदरहुड का कहना है कि लोगों ने बारादेई को अपना प्रवक्ता नहीं बनाया है.

ब्रदरहुड के प्रवक्ता मोहम्मद मोरसी ने बीबीसी से कहा, ‘‘मुस्लिम ब्रदरहुड मोहम्मद बारादेई से कहीं बड़ा संगठन है. और हम इस बात का समर्थन नहीं करते कि वो इस पूरे आंदोलन के अगुआ हो जाएं. आंदोलन अपना प्रतिनिधित्व खुद कर रहा है और आंदोलन अपनी कमिटी भी बना लेगा ताकि सरकार से बातचीत हो सके. ’’

मिस्र के अलग अलग शहरों में धरने प्रदर्शन हो रहे हैं.

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