जनसैलाब उमड़ा, विरोध प्रदर्शन और तेज़ हुए

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Image caption विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला में मंगलवार का प्रदर्शन सबसे बड़ा है

मिस्र की राजधानी काहिरा में सरकार विरोधी प्रदर्शन में हज़ारों लोग जमा हुए हैं.

तहरीर स्क़्वायर या मुक्ति चौराहे पर उत्सव का माहौल लगता है. मिस्र का झंड़ा और मुबारक विरोधी तख़्तियाँ और बैनर लिए प्रदर्शनकारी आज़ादी के गीत गा रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं.

प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को हटाने की माँग कर रहे हैं.

मुख्य चौराहे पर जमा होने से पहले कुछ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति मुबारक के पुतले को सांकेतिक फांसी दी.

काहिरा की मुख्य सड़कों पर सेना टैंकों और बख़्तरबंद गाड़ियों समेत तैनात है, लेकिन प्रदर्शनकारियों को सेना कोई ख़ौफ़ नहीं है.

वैसे सेना ने भी कल घोषणा की थी कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल-प्रयोग नहीं किया जाएगा.

सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन

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Image caption मुबारक के ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारियों का गु़स्सा कम नहीं हो रहा है

मंगलवार का प्रदर्शन सप्ताह भर से जारी विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला में ये अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन है.

आयोजकों को उम्मीद है कि प्रदर्शन में 10 लाख से ज़्यादा लोग शामिल होंगे.

काहिरा के अलावा दूसरा सबसे बड़ा प्रदर्शन अलेक्ज़ैंड्रिया में हो रहा है.

इस बीच मिस्र के नए वित्त मंत्री समीर रदवान ने संकेत दिया है कि नया मंत्रिमंडल मुबारक के इशारे पर नहीं चल रहा है. बीबीसी में बातचीत में रदवान ने कहा कि वे उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के आदेश पर काम कर रहे हैं.

उपराष्ट्रपति उमर सुलेमान ने कहा है कि वे सांवैधानिक सुधारों के लिए विरोधी दलों और संगठनों से बातचीत करेंगे.

उल्लेखनीय है कि मुबारक के तीन दशकों के शासन के दौरान पहली बार पिछले हफ़्ते मिस्र में उपराष्ट्रपति नियुक्त किया गया है.

संयुक्तराष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लई के अनुसार सप्ताह भर से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान संघर्ष में मरने वालों की संख्या 300 को पार कर गई है.

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