क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड?

मुस्लिम ब्रदरहुड सदस्य
Image caption मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्यों ने चुनाव के दौरान भी सरकार का विरोध किया था.

अरब देशों में मुसलिम ब्रदरहुड सबसे पुराने इस्लामी संगठनों में से एक है. इसकी स्थापना 1928 में की गई थी और मध्य पूर्व के कई देशों में इसके सदस्य हैं.

1928 में जब मिस्र में सैन्य कब्ज़ा हो रहा था तो उसके विरोध में मुसलिम ब्रदरहुड अस्तित्व में आया था. गरीबी और भ्रष्टाचार के कारण मिस्र में मुसलिम ब्रदरहुड के सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ती ही चली गई.

अपने जनकार्यों की बदौलत ब्रदरहुड ने अस्पताल, स्कूल और जन कल्याण के संस्थान खोले जिससे उन लोगों को बहुत फायदा हुआ जिन्हें सरकार से कुछ भी नहीं मिल रहा था.

ब्रदरहुड अब कई दशकों से इन इलाक़ों में काम करता रहा है और उनकी गतिविधियों पर सरकार की नज़र भी रही है. कई मामलों में ब्रदरहुड के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, टार्चर किया गया और मार भी डाला गया है.

मिस्र में यह संगठन अवैध करार दिया जा चुका है लेकिन अनौपचारिक तौर पर अधिकारी जानते हैं कि संगठन सक्रिय है. मिस्र में चुनावों के दौरान ब्रदरहुड के सदस्यों ने निर्दलीय उम्मीदवारों के रुप में चुनाव भी लड़ा था और संसद में एक समय ब्रदरहुड के 80 सदस्य हैं.

हालांकि अब ब्रदरहुड मिस्र के संसदीय लोकतंत्र से बाहर है. ब्रदरहुड हो भले ही सबसे प्रभावशाली विपक्षी आंदोलन माना जाता हो लेकिन ये साफ़ नहीं है कि ब्रदरहुड इस्लामिक शासन प्रणाली चाहता है या लोकतांत्रिक समाज में विश्वास रखता है. अभी ये भी साफ़ नहीं कि मिस्र में क्या दोनों तरह के समाज के लिए भी जगह बन सकती है.

मुसलिम ब्रदरहुड के संबंध हिज़बुल्ला और हमास जैसे चरमपंथी संगठनों से भी हैं जिसके कारण अमरीका के साथ ब्रदरहुड के रिश्ते बेहद ख़राब रहे हैं.

यही कारण है कि जब पश्चिम या अमरीका के नेता मिस्र में सत्ता में बदलाव की बात करते हैं तो वो चाहते हैं कि सत्ता मुसलिम ब्रदरहुड के हाथ में न चली जाए.

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