'बम बनाने के निर्देश पाकिस्तान से'

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Image caption सिद्दीक़ ख़ान को हमलावरों का प्रमुख माना जाता है

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में सात जुलाई 2005 को भूमिगत ट्रेनों में हुए धमाकों की जाँच के दौरान ये पता चला है कि 'हमलावरों' को पाकिस्तान से बम बनाने के निर्देश मिले थे.

जाँच के दौरान मोबाइल फ़ोन के रिकॉर्ड्स की छानबीन की गई. जाँच से ये बात सामने आई है कि 'प्रमुख हमलावर' मोहम्मद सिद्दीक़ ख़ान को रावलपिंडी से कई फ़ोन किए गए थे.

मेट्रोपोलिटन पुलिस के डिटेक्टिव सार्जेंट मार्क स्टुअर्ट के मुताबिक़ उनका मानना है कि ये फ़ोन कॉल्स बम हमले से संबंधित थे.

सात जुलाई 2005 को चार आत्मघाती हमलावरों ने तीन भूमिगत ट्रेनों और एक बस को निशाना बनाया था, जिनमें 52 लोगों की मौत हो गई थी.

सुनवाई

मार्क स्टुअर्ट ने बताया कि एक फ़ोन कॉल धमाके से पाँच दिन पहले दो जुलाई को की गई थी, जो छह मिनट तक चली थी.

जाँच से जुड़े वकील ह्यूगो कीथ ने जब सार्जेंट मार्क स्टुअर्ट से यह पूछा कि क्या आपको ये लगता है कि वे फ़ोन कॉल्स शायद बम बनाने और आख़िकार उनमें धमाका करने की सूचना से जुड़े हुए थे, तो उनका जवाब था- हाँ, मैं मानता हूँ कि ये फ़ोन कॉल इससे ही जुड़े होंगे.

लंदन के रॉयल कोर्ट्स ऑफ़ जस्टिस में चल रही सुनवाई के दौरान ये बात भी सामने आई कि रावलपिंडी से फ़ोन करने वाले व्यक्ति ने कई जगह से फ़ोन किया ताकि उसकी पहचान सामने न आने पाए.

पुलिस का ये भी मानना है कि मोहम्मद सिद्दीक़ ख़ान ने अपने पाकिस्तानी संपर्क को चार फ़ोन नंबर दिए थे, जिन्हें सिर्फ़ बम धमाके की साज़िश के लिए इस्तेमाल किया गया. लेकिन सिद्दीक़ ने कभी भी ख़ुद पाकिस्तान फ़ोन नहीं किया.

फ़ोन पर हुई ज़्यादातर बातचीत वर्ष 2005 के मई और जून में हुई. जाँच के दौरान ये भी बात सामने आई कि सिद्दीक़ ख़ान को आख़िरी बार फ़ोन सात जुलाई को किया गया था.

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