तहरीर चौक पर राष्ट्रपति के समर्थक और विरोधियों में झड़प

मिस्र में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption मुबारक के कथित समर्थक भी तहरीर चौक पर पहुंच गए हैं.

मिस्र की राजधानी काहिरा में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के समर्थकों और विरोधियों के बीच ज़बर्दस्त संघर्ष हो रहा है.

तहरीर चौक पर लंबे समय से होस्नी मुबारक के विरोधी थे लेकिन बुधवार को मुबारक के समर्थक चौक की तरफ बढ़े और उन्होंने मुबारक विरोधियों के पोस्टर बैनरों को फाड़ना शुरु कर दिया. दोपहर के समय शुरु हुआ संघर्ष अभी भी चल रहा है.

टीवी पर आ रही तस्वीरों में लोगों को आपस में लड़ते देखा जा सकता है. लोग एक दूसरे पर पत्थर फेंक रहे हैं. भीड़ में घोड़े और ऊँटों पर सवार लोग भी दिख रहे हैं.

माहौल में अफरा तफरी है और कुछ भी साफ़ पता नहीं चल रहा है. कई लोगों के घायल होने की भी ख़बरे हैं.

मुबारक के समर्थकों की संख्या भी हज़ारों में है और वो गुस्साए लग रहे हैं. कई जगहों से आग और धुआं उठता दिख रहा है.

राष्ट्रपति का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सेना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने राष्ट्रपति समर्थकों को चौराहे पर आने दिया. लोगों का आरोप है कि समर्थकों में पुलिस भी थी जो मारपीट कर रही थी. कई लोगों के पास चाकू भी थे और हवा में गोलियों की आवाज़ भी सुनाई पड़ी है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार स्थिति अत्यंत खतरनाक है.

बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन का कहना है कि उन्होंने एक व्यक्ति से बात की तो उसका कहना था कि उसे आधा चिकन, पाँच से दस डॉलर दिए गए थे ताकि वो मुबारक के समर्थन में प्रदर्शन करें.

इस बीच मिस्र के अन्य शहरों अलेक्ज़ांद्रिया और सुएज़ से भी प्रदर्शनों की ख़बरे हैं.

इन विरोध प्रदर्शनों में नेता के रुप में उभरे मोहम्मद अल बारादेई ने चौराहे पर हुई हाथापाई और मारपीट की निंदा की है और कहा कि यह एक अपराधी प्रशासन का आपाराधिक कृत्य है.

बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बारादेई ने कहा कि होस्नी मुबारक का भाषण लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाला है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान कि मून ने कहा कि वो चौराहे पर लोगों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं और ये घटना शर्मनाक है.उनका कहना था कि किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग करना अनुचित है.

उनका कहना था, '' हम अरब देशों को हमेशा से मदद करते आए हैं. हम मिस्र में हर पक्ष से अपील करते हैं कि वो प्रशासन में शांतिपूर्वक तरीके से बदलाव करें. अगर इसके लिए कोई मदद चाहिए तो संयुक्त राष्ट्र मदद करने के लिए तैयार है.''

सेना की अपील

इससे पहले मिस्र की सेना ने प्रदर्शनकारियों ने घर लौटने और आम जनजीवन बहाल करने को कहा है.

मिस्र के सरकारी टीवी चैनल पर सेना का ये बयान अलेक्ज़ांद्रिया में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झपड़ों के बाद आया है.

इससे पहले मिस्र की सेना कहती रही है कि वो प्रदर्शनकारियों को नहीं रोकेगी.

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इसी बीच मिस्र की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार देश के संसद को 'संस्पेंड' कर दिया गया है. एजेंसी के अनुसार पिछले साल हुए चुनावों के नतीजों में संशोधन तक संसद 'संस्पेंड'रहेगी.

राष्ट्रपति मुबारक़ के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने मिस्र की संसद को भंग करने की मांग की थी. कुछ प्रदर्शनकारियों के अनुसार वर्तमान संसद वैध तरीके से नहीं चुनी गई है.

क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड?

मिस्र के सरकारी टीवी चैनल ने ये ख़बर भी दी है कि संसद के अध्यक्ष ने राष्ट्रपति मुबारक़ द्वारा प्रस्तावित संवैधानिक सुधारों को ढाई महीने के भीतर पूरा करने की बात कही है.

ओबामा

मंगलवार को अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मिस्र में तुरंत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित परिवर्तन की मांग की थी.

लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ से तुरंत इस्तीफ़ा देने को नहीं कहा था.

ओबामा का ये बयान मुबारक़ की उस घोषणा के बाद आया था जिसमें उन्होंने इस वर्ष सितंबर के चुनावों में हिस्सा ना लेने की बात की थी.

मुबारक़ के विरोध मोहम्मद अल बारादेई ने उनकी इस घोषणा को ख़ारिज कर दिया था. प्रदर्शनकारियों ने भी कहा था कि अपना विरोध जारी रखेंगे.

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