प्रदर्शनकारी मुबारक के चुनाव न लड़ने से संतुष्ट नहीं

होस्नी मुबारक इमेज कॉपीरइट Getty

मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने कहा है कि वो सत्ता छोड़ देंगे लेकिन वो सितबंर तक अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे. लेकिन उनकी घोषणा से प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हैं.

उनके भाषण के फ़ौरन बाद काहिरा और अन्य बड़े शहरों में जमा लाखों की भीड़ ने "मुबारक भागो, मुबारक जाओ" के नारे लगाए.

भीड़ में खड़े कई लोगों ने कहा कि उन्हें मुबारक का ये प्रस्ताव मंज़ूर नहीं है और वो फ़ौरन उनका इस्तीफ़ा चाहते हैं.

लोगों ने कहा कि वो तबतक संघर्ष करेंगे जब तक मुबारक चले नहीं जाते.

एक का कहना था, "मुबारक फ़ौज से हैं वो इस तरह से नहीं भागना चाहेंगे. वो चाहते हैं कि उनहें सम्मानपूर्ण विदाई मिले लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते."

भाषण के बाद भी तहरीर स्वक्यापर मुबारक के ख़िलाफ़ नारे लगते रहे.

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के तत्काल सत्ता छोड़ देने की माँग को लेकर पूरे मिस्र में व्यापक प्रदर्शन हुए थे.

होस्नी मुबारक की घोषणा

राष्ट्र को संबोधन में होस्नी मुबारक ने घोषणा की कि वो सितंबर में होने वाले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption राजधानी काहिरा के तहरीर स्क्वायर पर लाखों लोग जुटे थे

लेकिन उन्होंने विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की और कहा कि इनके पीछे राजनीतिक ताकतों का हाथ है और इनसे मिस्र की स्थिरता को ख़तरा उत्पन्न हो गया है.

उन्होंने कहा है कि वो अपने शासनकाल के बचे हुए दिनों में शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता परिवर्तन के लिए काम करेंगे.

अपने संबोधन में होस्नी मुबारक ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका इरादा फ़ौरन सत्ता छोड़ने का नहीं है.

सरकारी टीवी पर देश की जनता को संबोधित करते हुए मुबारक ने कहा, "मैं मिस्र की ही ज़मीन पर मरूंगा."

राष्ट्रपति मुबारक ने कहा कि उन्होंने अपने उपराष्ट्रपति से कहा है कि वो विपक्षी दलों से संविधान में सुधार के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू करें.

राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के संबोधन के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि मिस्र में बदलाव सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढ़ंग से होने चाहिए और उसकी शुरूआत फौरन की जानी चाहिए.

ओबामा ने कहा कि कि आनेवाले दिन कठिन होंगे लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि मिस्र के लोग इनका मुक़ाबला कर सकने में सक्षम हैं.

विपक्ष इस्तीफ़े पर अड़ा

विपक्षी नेता अल बारादेई समेत कई अन्य लोगों ने राष्ट्रपति मुबारक से इस शुक्रवार तक सत्ता छोड़ देने का मांग की है.

भाषण से पहले अल बारादेई ने अल अरबिया टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “लोगों को उम्मीद है कि ये सब आज या ज़्यादा से ज़्यादा शुक्रवार तक ख़त्म हो जाएगा. लेकिन मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति मुबारक उसके पहले ही 30 वर्षों की सत्ता को छोड़ देंगे और लोगों को मौका देंगे क्योंकि मुझे नहीं लगता कि वो भी और ख़ूनखराबा देखना चाहेंगे.”

इस बीच विपक्षी दलों ने स्पष्ट कर दिया है कि वो किसी बातचीत में तबतक हिस्सा नहीं लेंगे जब तक मुबारक इस्तीफ़ा नहीं दे देते.

उन्होंने कहा है कि वो एक गठबंधन बना चुके हैं जो बदलाव की चाह रखनेवालों के प्रतिनिधि के तौर पर बात करेंगे.

बीबीसी के विश्व मामलों के संवाददाता जॉन सिंपसन का कहना है कि संभवत प्रदर्शनकारी एक बार फिर शुक्रवार को ज़ोर लगाएंगे और राष्ट्रपति भवन तक रैली निकालेंगे.

संबंधित समाचार