यमन में बड़ा प्रदर्शन, राष्ट्रपति के इस्तीफ़े की मांग

यमन में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption यमन की राजधानी में 20 हज़ार लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

यमन की राजधानी सना में 20 हज़ार लोग सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी यमन में तीस साल से राज कर रहे राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह का इस्तीफ़ा मांग रहे हैं.

सना विश्वविद्यालय के क़रीब इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारी 'भ्रष्टाचार नहीं चाहिए, तानाशाही नहीं चाहिए' जैसे नारे लगा रहे हैं.

राजधानी सना में कई जगहों पर नाकेबंदी की गई और आसमान पर हेलीकॉप्टर चक्कर लगा रहे हैं.

बुधवार को वर्ष 2013 में पद छोड़ने की राष्ट्रपति की घोषणा के बावजूद ये प्रदर्शन हो रहे हैं.

राजधानी सना के एक अन्य इलाक़े में राष्ट्रपति सालेह के समर्थक भी एक प्रदर्शन कर रहे हैं. ये लोग यमन की स्थिरता के लिए राष्ट्रपति को सत्ता में बने रहने के लिए कह रहे हैं.

राष्ट्रपति के समर्थक 'सालेह महान हैं, सालेह को सत्ता में बने रहना चाहिए' जैसे नारे लगा रहे हैं.

इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रही एक महिला ने बीबीसी को बताया कि वो राष्ट्रपति का समर्थन इस लिए कर रही हैं क्योंकि वे यमन के लिए स्थिरता चाहती हैं.

अवाम की शिकायत

यमन में ग़रीबी और बेरोज़गारी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोग राजनीतिक स्वंतत्रता की मांग कर रहे हैं.

यमन में 40 फ़ीसदी लोग बेरोज़गार हैं. इस बेरोज़गारी के बीच उन्हें खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों और कुपोषण से भी लड़ना पड़ रहा है.

देश में क़रीब 40 प्रतिशत आबादी प्रतिदिन दो डॉलर से गुज़ारा करती है.

इसके अलावा यमन के दक्षिणी हिस्से में एक अलगाववादी आंदोलन चल रहा और देश के उत्तर में शिया हूथी विद्रोही सक्रिय हैं.

ये आशंका भी जताई जाती है कि यमन अल-क़ायदा की शरणस्थली बनता जा रहा है.

संबंधित समाचार