रूस-अमरीका के बीच स्टार्ट संधि लागू

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रूस और अमरीका के बीच परमाणु हथियारों में कटौती करने संबंधी संधि स्टार्ट अब लागू हो गई है.

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोफ़ ने म्यूनिख में इस संबंध में दस्तावेज़ों की अदला-बदली की. दोनों नेता वहाँ सुरक्षा मामलों संबंधी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए हैं.

अमरीकी कांग्रेस ने पिछले साल दिसंबर में इस संधि का अनुमोदन कर दिया था.राष्ट्रपति ओबामा इस संधि को पिछले 20 वर्ष का सबसे अहम समझौता कहते आए हैं.

ये संधि स्ट्रेटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी यानी स्टार्ट कहलाती है और इसके तहत परमाणु हथियारों की संख्या में एक तिहाई कमी की जाएगी.

इस संधि के तहत दोनों देशों को परमाणु हथियारों की संख्या कम करके 1550 तक लानी होगी जो पहले की सीमा से 30 फ़ीसदी कम है.

इसके अलावा बैलिस्टिक मिसाइलों और बमवर्षकों की संख्या भी अब 700 से ज़्यादा नहीं हो सकती.

हथियारों में कमी

संधि लागू होने के बाद इन प्रावधानों को सात वर्ष के अंदर अमल में लाना होगा.

कुछ समय पहले अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के राष्ट्रपति दिमित्रि मेदवेदेव ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे.

ये 1991 की स्टार्ट संधि की जगह लेगी जो दिसंबर में ख़त्म हो गई थी. संधि के तहत दोनों देशों को अपने परमाणु शस्त्रों को कम करना है.

इस संधि के तहत अमरीकी और रुसी नाभिकीय शस्त्रों में कमी आएगी और हथियारों की मौके पर ही निरीक्षण को बढ़ावा मिलेगा.

ओबामा प्रशासन स्टार्ट 2 संधि को विदेश नीति और रुस के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में अपनी बड़ी उपलब्धि बताता रहा है.

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