आपातकालीन क़ानून हटाए जाएं: अमरीका

जो बाइडन
Image caption अमरीका ने मिस्र से आपातकालीन क़ानूनों को हटाने के लिए कहा है.

अमरीका ने मिस्र से तीस साल से लगे आपातकालीन क़ानूनों को हटाने के लिए कहा है. अमरीका के उप-राष्ट्रपति जो बाइडन ने मिस्र की उप-राष्ट्रपति उमर सुलेमान के साथ टेलीफ़ोन पर हुई बातचीत में ये बात कही है.

अमरीका का आपातकाल के क़ानूनों को हटाने का सुझाव मंगलवार को मिस्र की राजधानी काहिरा समेत देश के कई शहरों में हुए बड़े प्रदर्शनों के बाद आया है.

संवाददाताओं का कहना है कि आठ फ़रबरी को काहिरा में अबतक का सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ है. ये प्रदर्शन सरकार के शांतिपूर्वक सत्ता हस्तांतरण की घोषणा के बावजूद हुआ है.

तुरंत हो बदलाव

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Image caption प्रदर्शनकारी मुबारक़ के तुरंत इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं

अमरीका के उप-राष्ट्रपति जो बाइडन ने उमर सुलेमान के बताया कि अधिक प्रतिनिधित्व वाली सरकार की ओर बदलाव से तुरंत और अपरिवर्तनीय प्रगति होनी चाहिए.

उप-राष्ट्रपति बाइडन ने ये भी कहा कि मिस्र के गृह मंत्रालय को तुरंत पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार करना और पीटना बंद कर देना चाहिए.

वॉशिंगटन में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि 25 जनवरी को मिस्र में शुरू हुए प्रदर्शनों के बाद अमरीका की मिस्र से ये पहली सार्वजनिक मांगें है. संवाददाता के अनुसार अमरीका ऐसे आभास नहीं होने देना चाहता था कि वह मिस्र की आंतरिक मामलों में हस्ताक्षेप कर रहा है. लेकिन सरकार विरोधी प्रदर्शकारियों ने अमरीका की ये कहते हुए आलोचना की है कि अमरीका ने मिस्र के नेतृत्व पर दवाब डालना बंद कर दिया है.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार जो बाइडन की इस टेलीफ़ोन वार्ता से साफ़ हो गया है कि अमरीका अब 'कॉस्मेटिक' परिवर्तनों से संतुष्ट नहीं होने वाला है.

'अब तक सबसे बड़ा प्रदर्शन'

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Image caption मंगलवार को तहरीर चौक पर भारी भीड़ उमड़ी.

उधर मंगलवार को काहिरा के तहरीर चौराहे पर एक बार फिर लाखों की भीड़ उमड़ी.

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति होस्नी मुबारक़ की धीरे-धीरे सत्ता हस्तांतरण की योजना को ख़ारिज कर दिया है. मुबारक़ ने कहा था कि वे सितंबर में होने वाले चुनावों तक सत्ता में बने रहेंगे.

चौराहे पर मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पिछले एक हफ्ते में इससे बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ है और प्रदर्शनकारी ज़ोर-शोर से राष्ट्रपति के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

हालांकि दिन में भीड़ की कमी से ऐसा लग रहा था कि प्रदर्शनकारियों के उत्साह में कमी आई है लेकिन लोगों की बढ़ती संख्या से लगता है कि लोगों में मुबारक के ख़िलाफ़ नाराज़गी में कोई कमी नही आई है.

न केवल तहरीर चौक पर हज़ारों लोग जमा हुए हैं बल्कि चौक के आसपास के इलाक़े में भी अच्छी खासी भीड़ इकट्ठा है जो धीरे धीरे चौराहे की तरफ बढ़ रही है.

काहिरा के अलावा देश के अन्य शहरों से भी बड़े विरोध प्रदर्शनों की ख़बरें आईं हैं.

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