क्या सत्ता छोड़ेंगे होस्नी मुबारक?

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मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को लेकर अटकलों का बाज़ार गर्म है. गुरुवार शाम को मिस्र के प्रधानमंत्री अहमद शफ़ीक़ ने बीबीसी अरबी सेवा से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति होस्नी मुबारक के पद छोड़ने की संभावना पर विचार-विमर्श किया जा रहा है.

मिस्र के सरकारी टीवी ने कहा है कि मुबारक देश को संबोधित कर सकते हैं इससे यह लग रहा है कि वह सत्ता उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान को सौंपने की घोषणा कर सकते हैं.

सत्तारुढ़ नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव होसाम बदरवी ने बीबीसी को बताया है कि शायद आज रात राष्ट्रपति देश को संबोधित करेंगे और उन्हें "उम्मीद है कि मुबारक उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान को सत्ता सौंप दें".

उन्होंने कहा, "मौजूदा परिस्थितियों में मुबारक और देश के लिए यही अच्छा होगा कि वे सत्ता उप राष्ट्रपति के हाथों में सौंप दें."

दूसरी ओर मिस्र के सूचना मंत्री ने समाचार एजेंसी रायटर्स से कहा है कि राष्ट्रपति मुबारक पद नहीं छोड़ रहे हैं.

इसके अलावा, अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रमुख लियोन पेनेटा ने भी समाचार एजेंसी रॉयटर्स से थोड़ी देर पहले कहा कि उनके पास "मुबारक के पद से हटने की कोई पक्की जानकारी नहीं है."

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पत्रकारों से सिर्फ़ इतना ही कहा है, "हमें देख रहे हैं कि वहाँ क्या हो रहा है, उसके बाद ही कुछ कहना सही होगा."

इस बीच ख़बरें आ रही हैं कि इस समय राष्ट्रपति मुबारक उप राष्ट्रपति के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं जिसके बाद वे टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

ख़बर है कि एक सैनिक कमांडर ने तहरीर चौक पर जमे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा है कि उनकी सभी मांगें मान ली जाएँगी.

प्रदर्शन के 17वें दिन काहिरा के मुख्य चौराहे तहरीर स्केवेयर पर हज़ारों प्रदर्शनकारी जमा हैं, बीबीसी टीवी पर जिस तरह की लाइव तस्वीरें आ रही हैं उससे यही दिख रहा है कि वहाँ विरोध प्रदर्शन जैसा नहीं बल्कि जश्न जैसा माहौल है.

इस बीच मानवाधिकार संगठनों ने कहा है कि मिस्र में चल रहे राष्ट्रपति विरोधी आंदोलनों के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया है और कई प्रदर्शनकारी लापता भी हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ता हेबा मोरायेफ़ ने बीबीसी को बताया है कि सैन्य पुलिस ने कई पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को भी गिरफ़्तार किया है.

उन्होंने बताया कि इन लोगों को अपने परिजनों से भी संपर्क नहीं करने दिया जा रहा है और कई प्रदर्शनकारी तो लापता हैं.

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