ईरान में प्रदर्शन, पुलिस की सख्ती

तेहरान में लोग
Image caption काहिरा के बाद अब तेहरान में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं

ईरान की राजधानी तेहरान में पुलिस और सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं.

तेहरान में कई स्थानों पर एक साथ हुई सरकार के विरोध में रैलियां आयोजित की गईं जिससे सरकार सख्ती से निपटी है.

इन प्रदर्शनों में दर्ज़नों की संख्या में विपक्ष के समर्थकों ने हिस्सा लिया है. तेहरान के बीचोबीच बिजली और मोबाइल फोन सेवाएं हटा दी गई थीं.

पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने लोगों को शहर के केंद्र में आने से रोकने के लिए रोडब्लॉक लगा दिए थे. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने प्रदर्शनकारियों की आकांक्षाओं का समर्थन करते हुए कहा कि ईरान अपनी राजनीतिक प्रक्रिया में सुधार करे.

पुलिस की सख्ती

मिस्र और ट्यूनीशिया में हुए जनविद्रोह के समर्थन में ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित रैली में शामिल होने वाले लोगों पर आंसू गैस के गोले छोड़े हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार तेहरान के अलावा ईरान के इशफाहान और शिराज़ में भी विरोध प्रदर्शनों की ख़बरें हैं.

विपक्ष के नेता मीर हुसैन मुसावी की वेबसाइट के अनुसार पुलिस ने उन्हें घर में नज़रबंद कर दिया है.

पुलिस का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री मुसावी को तेहरान में हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए ऐसा किया गया क्योंकि अधिकारियों ने प्रदर्शन पर रोक लगाई थी.

मुसावी के घर की तरफ जाने वाले रास्ते पर पुलिस वैन खड़े कर दिए गए थे.

संसद के पूर्व स्पीकर और विपक्ष के एक और नेता वरिष्ठ मौलवी मेहदी करुबी को भी नज़रबंद रखे जाने की ख़बरें आई हैं.

इन दोनों ही नेताओं ने जून 2009 में हुए चुनावों में राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेज़ाद की दोबारा जीत का विरोध किया था. इनके विरोध के बाद ईरान में व्यापक स्तर पर लोग सरकार के विरोध में खड़े हुए थे.

दिसंबर 2009 के बाद पहली बार ईरान में बड़ी संख्या में लोग एक बार फिर सरकार के विरोध में खड़े हुए हैं.

मुसावी की वेबसाइट कालेमे.कॉम का कहना है कि अपुष्ट ख़बरों के मुताबिक सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया है.

तेहरान में कई स्थानों पर लोगों के घरों से बाहर निकलने और प्रदर्शन करने की रिपोर्टें भी आई हैं. पुलिस ने बाद में तेहरान यूनिवर्सिटी, शरीफ यूनिवर्सिटी, पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद खतामी और अब्दुल्ला नूरी के घरों को को भी घेर लिया था.

नूरी पूर्व में गृह मंत्री और तेहरान सिटी काउंसिल के प्रमुख रह चुके हैं.

ईरान का प्रशासन आधिकारिक रुप से मिस्र में हुए प्रदर्शनों का समर्थन करता है लेकिन उसका कहना है कि तेहरान में हुए प्रदर्शन विपक्ष दलों की ‘राजनीतिक चाल’ थी.

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