आठ साल तक बिना काम किए वेतन

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Image caption जियांग को इन आठ सालों में 150,000 युआन यानि लगभग 12 लाख रूपए मिले.

आठ साल तक दफ़्तर आए बिना ही वेतन लेने वाला एक चीनी अधिकारी अंतत: काम पर लौट आया है.

फ़ूजियान प्रांत में काम करने वाले जियांग जिनश्यांग का कहना है कि एक ग़लतफ़हमी की वजह से ऐसा हुआ.

चीनी अधिकारी जियांग जिनश्यांग आठ साल तक दफ़्तर नहीं आए, उन्होंने कोई काम नहीं किया लेकिन उन्हें हर महीने वेतन मिलता रहा.

चीन से जुड़े वेबसाइट्स और ब्लॉग्स पर उनके ख़िलाफ़ भारी आक्रोश है और उन्हें चीन के इतिहास का सबसे अख्खड़ अधिकारी कहा जा रहा है.

बीजिंग से बीबीसी संवाददाता मार्टिन पेशेंस का कहना है कि इस मामले को चीनी सरकारी तंत्र के निकम्मेपन के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है.

जियांग का कहना है कि उन्हें 2002 में नौकरी से निलंबित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने एक स्थानीय कंस्ट्रकशन प्रोजक्ट पर सवाल उठाए थे.

चीनी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं अचंभित रह गया क्योंकि जिन कमज़ोरियों की मैं बात कर रहा था उसे दूर करने की जगह वो मेरे पीछे पड़ गए.”

उन्होंने कहा कि उनको ये भी नहीं बताया गया कि उनका तबादला एक अलग विभाग में कर दिया गया है और उनका वेतन उसी विभाग से आता रहा.

चाईना डेली को दिए गए बयान में उनके उच्चाधिकारियों ने बताया कि जियांग को “मानवीय कारणों” से वेतन दिया जाता रहा क्योंकि वो निजी परेशानियों से घिरे हुए थे.

लेकिन काम पर लौट आने के बावजूद जियांग का बहुत गर्मजोशी से स्वागत नहीं हुआ है.

उनका कहना है, “अभी भी मेरे सहयोगी मेरे साथ ऐसा बर्ताव कर रहे हैं जैसे मैं किसी और ग्रह से आया हूं.”

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