ईरान के प्रदर्शनकारियों के पक्ष में उतरीं हिलेरी

ईरान में प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट BBC World Service

अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने ईरान के सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों की प्रशंसा की है.

ईरान की राजधानी तेहरान में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं हैं.

ख़बरें हैं कि सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में एक व्यक्ति मारा गया है.

इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में ले लिया गया और विपक्षी नेताओं को नज़रबंद कर दिया गया.

बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार राजधानी तेहरान के अलावा ईरान के अन्य शहरों इशफ़हान, मशाद और शिराज़ में भी सरकार विरोधी प्रदर्शनों की ख़बरें हैं.

हिलेरी क्लिंटन का कहना था, ''प्रदर्शन ईरान के लोगों की हिम्मत और ईरान सरकार के पाखंड को दर्शाता है क्योंकि पिछले तीन हफ़्तों से ईरान की सरकार मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की प्रशंसा करते नहीं थक रही थी.''

हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि प्रदर्शनकारियों को मिस्र के लोगों जैसे ही अधिकार हासिल हैं और ईरान को अपने 'राजनीतिक व्यवस्था को मुक्त' करना चाहिए.

सरकार विरोधी प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि तेहरान में कई स्थानों पर एक साथ हुई सरकार के विरोध में रैलियां आयोजित की गईं.

इन्हें रोकने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बाधाएं खड़ी कीं. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी किया.

विपक्ष के नेता मीर हुसैन मुसावी की वेबसाइट के अनुसार पुलिस ने उन्हें घर में नज़रबंद कर दिया है.

पुलिस का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री मुसावी को तेहरान में हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए ऐसा किया गया क्योंकि प्रदर्शनों पर रोक थी.

संसद के पूर्व स्पीकर और विपक्ष के एक और नेता वरिष्ठ मौलवी मेहदी करुबी को भी नज़रबंद रखे जाने की ख़बरें आई हैं.

इन दोनों ही नेताओं ने जून, 2009 में हुए चुनावों में राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेज़ाद की दोबारा जीत का विरोध किया था. इनके विरोध के बाद ईरान में व्यापक स्तर पर लोग सरकार के विरोध में खड़े हुए थे.

ग़ौरतलब है कि दिसंबर, 2009 के बाद पहली बार ईरान में बड़ी संख्या में लोग एक बार फिर सरकार के विरोध में खड़े हुए हैं.

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