इंटरनेट विद्रोहियों को अमरीका की मदद

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Image caption हिलेरी ने इंटरनेट की आज़ादी का पुरज़ोर समर्थन किया है

अमरीका की सरकार निरंकुश शासन वाले देशों में राजनीतिक विरोधियों को इंटरनेट की आज़ादी हासिल करने के लिए ढाई करोड़ डॉलर की मदद देगा.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि इसके तहत इंटरनेट के ज़रिए विरोध करने वालों को तकनीक, उपकरण और ट्रेनिंग मुहैया कराई जाएगी ताकि वो सेंसरशिप या रोक का सामना कर सकें.

हिलेरी क्लिंटन ने इंटरनेट की आज़ादी पर अंकुश लगाने वाले सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बदलाव की मांगों को अधिक दिनों तक दबाया नहीं जा सकता.

हिलेरी ने जॉर्ज वाशिंगटन इंस्टीट्यूट में एक भाषण में सोशल नेटवर्किंग के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि इंटरनेट से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है.

हिलेरी के इस भाषण को एक नीतिगत भाषण की तरह देखा जा रहा है.

विदेश मंत्री का कहना था कि टि्वटर और फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटें युवाओं की आकांक्षाओं को आवाज़ देती हैं और जिस तरह से सोसायटी में इंटरनेट का प्रभाव बढ़ रहा है उसे देखते हुए इंटरनेट की दुनिया से पीछे हटना मुमकिन नहीं है.

पिछले कुछ हफ्तों में मध्य पूर्व के कई देशों में इन्हीं सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के ज़रिए सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं.

ट्यूनीशिया और मिस्र में सत्तारुढ़ सरकारों के ख़िलाफ़ जनविद्रोह में फेसबुक और ट्विटर जैसी साइटों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

हिलेरी क्लिंटन के नेतृत्व में अमरीकी विदेश मंत्रालय पूरी दुनिया में इंटरनेट की आजा़दी पर पूरा ज़ोर दे रहा है और विदेश मंत्रालय का मानना है कि इंटरनेट की आज़ादी मानवाधिकर जैसी है.

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