लारा लोगान के साथ यौन दुर्व्यवहार

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Image caption काहिरा में शुक्रवार को हुई ये घटना

अमरीकी टीवी चैनल सीबीएस ने आरोप लगाया है कि मिस्र में प्रदर्शन को कवर करने काहिरा गईं उनकी पत्रकार लारा लोगान का उग्र भीड़ ने यौन दुर्व्यवहार किया और उनके साथ मारपीट भी की गई.

लोगान फ़िलहाल अस्पताल में हैं और स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं. उनकी स्थिति अब बेहतर है. अमरीकी टीवी नेटवर्क सीबीएस का कहना है कि ये घटना शुक्रवार की है, जब होस्नी मुबारक के इस्तीफ़ा देने के बाद काहिरा के मशहूर तहरीर चौक पर लाखों की भीड़ जमा थी.

उस समय तहरीर चौक पर इतनी भीड़ जमा थी कि लारा लोगान अपने कैमरामैन और अन्य सहयोगियों से बिछड़ गईं. बाद में उन्हें महिलाओं और सैनिकों ने उग्र भीड़ से बचाया.

न्यूयार्क स्थित द कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट (सीपीजे) नामक संस्था ने कहा है कि मिस्र में प्रदर्शनों के दौरान 52 पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार हुआ और 76 को हिरासत में लिया गया.

घटना

एक बयान में सीबीएस ने कहा है कि लारा लोगान और उनकी टीम मुबारक के इस्तीफ़े के बाद चल रहे जश्न के बीच 'ख़तरनाक तत्वों' से घिर गई थी. चैनल का कहना है कि क़रीब 200 लोगों की उग्र भीड़ जश्न में पागल हुई जा रही थी और इसी भीड़ में लारा लोगान घिर गईं.

चैनल का कहना है कि लारा लोगान के साथ लंबे समय तक यौन दुर्व्यवहार हुआ और उनकी पिटाई भी हुई. अमरीकी नेटवर्क का कहना है कि अपने कैमरामैन और अन्य सहयोगियों से बिछड़ जाने के बाद एक महिलाओं के ग्रुप और 20 सैनिकों ने किसी तरह उन्हें इस उग्र भीड़ से बचाया.

दक्षिण अफ़्रीका की 39 वर्षीय लारा लोगान शनिवार को अमरीकी लौट गई. लारा लोगान सीबीएस न्यूज़ की विदेशी मामलों की मुख्य संवाददाता हैं. उन्होंने इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान से भी रिपोर्टिंग की है.

सीपीजे का कहना है कि लारा लोगान पर हुए हमले आँख खोलने वाले हैं. कमेटी ने उन्हें तेज़, बहादुर और अपने काम को लेकर प्रतिबद्ध पत्रकार कहा है.

मंगलवार को जारी अपनी सालाना रिपोर्ट में सीपीजे ने कहा है कि वर्ष 2010 में पाकिस्तान पत्रकारों के लिए सबसे ख़तरनाक साबित हुआ है. यहाँ वर्ष 2010 में काम करते समय आठ पत्रकार मारे गए. जबकि दुनियाभर में ये संख्या 44 थी.

वर्ष 2010 में जिन पत्रकारों को विभिन्न देशों में जेल भेजा गया, उनकी संख्या 145 थी, जो वर्ष 2009 के मुक़ाबले ज़्यादा थी.

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