'त्रिपोली में हूं, वेनेज़ुएला में नहीं'

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सभी अटकलबाज़ियों को ग़लत बताते हुए लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने राष्ट्रीय टीवी पर कहा है कि वो देश छोड़कर नहीं गए हैं.

इस तरह की ख़बरें आ रही थीं कि गद्दाफ़ी देश छोड़कर भाग गए हैं और वो वेनेज़ुएला में शरण ले रहे हैं.

एक पुरानी इमारत के बाहर से दिए बयान में गद्दाफ़ी ने इन ख़बरों को "दुर्भावनापूर्ण अफ़वाह" करार दिया.

उन्होंने कहा, "मैं त्रिपोली में हूं, वेनेज़ुएला में नहीं."

वो एक कार में बैठे हुए थे जिसका दरवाज़ा खुला हुआ था और उन्होंने हाथ में एक खुली छतरी ले रखी थी.

उन्होंने कहा, "इन विदेशी टीवी चैनलों का यकीन मत करो. ये कुत्ते हैं."

इसके पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा था कि उन्हें ऐसी सूचना मिली है कि भारी हिंसा के बाद कर्नल गद्दाफ़ी देश छोड़कर भाग गए हैं और वो वेनेजुएला जा रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि टीवी की इन तस्वीरों के बारे में ये कहने की कोई वजह नहीं है कि वो असली नहीं हैं लेकिन इस बात का कोई सबूत भी नहीं है कि वो त्रिपोली में भी लिए गए हैं.

Image caption इसी कार में से गद्दाफ़ी ने राष्ट्रीय टीवी पर बयान दिया.

दूसरी ओर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर टकराव हुआ है. इसके पहले सरकार ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की घोषणा की थी.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून का कहना है कि उन्होंने कर्नल गद्दाफ़ी से बात की है और हिंसा पर चिंता जताई है.

राजनयिक ख़िलाफ़ हुए

वहीं संयुक्त राष्ट्र में लीबिया के पूरे प्रतिनिधिमंडल ने कर्नल गद्दाफ़ी का साथ छोड़ते हुए एक स्वर में लीबिया पर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की माँग की है.

संयुक्त राष्ट्र में लीबिया के उपराजदूत इब्राहीम दब्बाशी ने लीबिया सरकार के जनसंहार से नागरिकों को बचाए जाने की अपील की है.

इसके पहले लीबिया के कई अन्य वरिष्ठ राजनयिकों ने भी आंदोलनों में शामिल होने की घोषणा कर दी थी.

भारत में लीबिया के राजदूत अली अल इस्सावी ने बीबीसी से बातचीत में प्रदर्शनकारियों को लेकर लीबिया की सरकार के कड़े रुख पर एतराज़ जताया.

उन्होंने आरोप लगाया, ''सरकार ने लीबिया के नागरिकों को रोकने के लिए भाड़े के सैनिकों का इस्तेमाल किया है.''

काहिरा स्थित अरब लीग में लीबिया के राजदूत अब्दल मोनीम अल-होनी ने भी पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं.

ख़बरों के अनुसार चीन में लीबिया के राजदूत ने भी इस्तीफ़ा दे दिया है.

ख़बरें हैं कि रविवार को प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के बाद उनके ख़िलाफ़ सोमवार को नया अभियान छेड़ा गया है.

गद्दाफ़ी को लेकर अटकलें

वेनेज़ुएला की सरकार ने भी इन ख़बरों का खंडन किया है कि लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी अपने देश से भागकर वहाँ पहुँच रहे हैं.

वेनेज़ुएला की सरकार ने कहा को वो ऐसी किसी भी ख़बर का खंडन करती है.

मीडिया में भी ऐसी ख़बरें आईं थीं कि कर्नल गद्दाफ़ी वेनेजुएला जा रहे हैं.

वेनेज़ुएला के नेता ह्यूगो चावेज़ से कर्नल गद्दाफ़ी के दोस्ताना संबंध हैं और वे दोनों मिलते जुलते रहते हैं.

बीबीसी संवाददाता जॉन लॉयन का कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी हर तबके का समर्थन खोते जा रहे हैं.

राजधानी त्रिपोली में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के बाद राजनयिकों के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इसमें लीबिया के विधि मंत्री भी शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि उन्होंने लीबिया के दुखद हालात के बारे में कर्नल गद्दाफ़ी के साथ बातचीत की है और हिंसा पर चिंता जताई है.

गद्दाफ़ी के बेटे की चेतावनी

इससे पहले कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल इस्लाम गद्दाफ़ी ने लीबिया के सरकारी टीवी पर देश को संबोधित करते हुए स्वीकार किया था कि लीबिया का दूसरा बड़ा शहर बेनग़ाज़ी विपक्ष के हाथों में चला गया है.

उन्होंने कहा कि देश के तीसरे सबसे बड़े शहर बीईदा को मुस्लिम विद्रोहियों ने इस्लामी रियासत घोषित कर दिया है.

सैफ़ अल इस्लाम गद्दाफ़ी ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी ही परिस्थितियाँ जारी रहीं तो देश में गृह युद्ध, विभाजन और हिंसक संघर्ष होगा जो लीबिया को ग़रीबी और भुखमरी की ओर धकेल देगा.

उन्होंने कहा कि इस स्थिति से बचने का रास्ता है कि बातचीत शुरू की जाए और नए संविधान और सुधारों की तरफ़ तेज़ गति से बढ़ा जाए.

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