गद्दाफ़ी का नया पैंतरा

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Image caption गद्दाफ़ी अब पैसे का प्रलोभन देकर प्रदर्शनकारियों को शांत करना चाह रहे हैं.

अपने विरोधियों को कॉकरोच और चूहा कहने के बाद लीबिया के प्रशासन कर्नल गद्दाफ़ी ने अब हर लीबियाई परिवार को आठ सौ डॉलर देने की घोषणा की है. ये घोषणा लीबिया के सरकारी टीवी चैनल पर की गई है.

सरकारी टीवी चैनल पर एक प्रस्तुतकर्ता ने बताया कि लीबिया में हर परिवार को खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमत से निपटने के लिए दो महीने तक ये सहायता दी जाएगी.

साथ ही ये भी घोषणा की गई कि कई सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों की तनख़्वाह 150 फ़ीसदी बढ़ाई जा रही है. इसके अलावा लीबिया में न्यूनतम वेतन भी लगभग दुगना करने की घोषणा की गई है.

दिलचस्प ये है कि लीबिया के पड़ोसी देश ट्यूनिशिया में जब राष्ट्रपति बेल अली पर प्रदर्शनकारियों का दवाब बढ़ा था तब उन्होंने भी ऐसी ही घोषणाएं की थीं.

नौकरियों का लालच और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए क़दम उठाने के वादे बेन अली के काम नहीं आए थे और उन्हें सत्ता छोड़नी पड़ी थी.

पलायन जारी

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उधर अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संस्था का कहना है कि लीबिया में मचे घमासान से बचकर सैकड़ों लोग नाइजर में पहुंच रहे हैं.

संस्था के एक प्रवक्ता का कहना है कि नाइजर पहुंचने वाले लोगों में से कुछ बीमार हैं और उन्हें दवाईयां, खाना और रहने के लिए जगह दी जा रही है.

लीबिया और नाइजर की सीमा पर स्थित दिरकाउ नामक स्थान पर इनके लिए स्वागत केंद्र बनाया गया है.

इन लोगों का कहना है कि उन्हें प्रदर्शनकारी गद्दाफ़ी के भाड़े के सैनिक समझ रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें लीबिया से पलायन करना पड़ा.

इसीबीच गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिक टैंकों पर सवार होकर राजधानी त्रिपोली में घूम रहे हैं. त्रिपोली के आसपास कई छोटे शहरों में झड़पों की ख़बरें भी आ रही हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि त्रिपोली को प्रदर्शनकारियों से बचाने का जिम्मा गद्दाफ़ी के पुत्र ख़मीस को दिया गया है.

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