बुशेहर परमाणु प्लांट से ईंधन हटाया गया

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ईरान का कहना है कि कुछ तकनीकी परीक्षण करने के लिए देश के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र से परमाणु ईंधन हटा लिया गया है.

बुशेहर परमाणु संयंत्र में किस तरह का परीक्षण किया जाना है इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है.

आईएईए में ईरान के दूत अली असग़र ने कहा है कि रूसी इंजीनियरों की सलाह है कि परीक्षण करने के लिए ईंधन हटा लिया जाए.

इस क़दम को परमाणु ऊर्जा बनाने के ईरान के प्रयासों को एक झटका माना जा रहा है.

ईरान पिछले 35 सालों से बुशेहर में परमाणु ऊर्ज संयंत्र बनाने की कोशिश में जुटा हुआ है. अधिकारियों ने कहा था कि कुछ महीनों में ये पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगा. लेकिन अब ये मुश्किलों में घिरता नज़र आ रहा है.

वायरस का हमला?

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी का कहना है कि तकनीकी कारणों से ईंधन की छड़ों को हटाया गया है.

संवाददाताओं का कहना है कि इससे इन अटकलों को बल मिलेगा कि पिछले साल बुशेहर प्लांट में स्टूक्सनेट नाम के जिस कंम्पूयटर वायरस का संक्रमण हुआ था उससे काफ़ी ज़्यादा नुकसान पहुँचा है. हालांकि ईरान इसे मानने से इनकार करता रहा है.

हर ओर अटकलें लगाई जा रही हैं कि संयंत्र में कुछ गंभीर गड़बड़ी हुई है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस गड़बड़ी का कारण क्या है.

अटकलें ये हैं कि स्टूक्सनेट नाम के वायरस के कारण पिछले साल सेंट्रीफ़्यूज में दिक्कत हुई थी.

पिछले करीब एक दशक से पश्चिमी देश चिंतित रहे हैं कि ईरान परमाणु ऊर्जा की ढाल में परमाणु हथियार बनाने की जुगत में लगा है.

वैसे बुशेहर को लेकर पश्चिमी देश ज़्यादा चिंतित नहीं है क्योंकि रूस वहाँ पर इस्तेमाल हुआ सारा ईंधन हटा लेगा.

लेकिन फिर भी कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बुशेहर में आ रही परेशानियों के बाद ईरान की परमाणु गतिविधियों के सुरक्षा पहलू पर सवाल ज़रूर उठ रहे हैं.

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