लोग मुझसे प्यार करते हैं: गद्दाफ़ी

Image caption गद्दाफ़ी ने कहा कि जो लोग लीबिया के लिए वफ़ादार हैं वो कभी उनका विरोध नहीं करेंगे.

बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने कहा है कि 'लीबिया के लोग उनसे प्यार करते हैं और उनके ख़िलाफ़ कहीं कोई प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा की ओर से दी जा रही नशीली दवाओं के जोश में यह सब कर रहे हैं.

गद्दाफ़ी ने कहा कि जो लोग लीबिया के लिए वफ़ादार हैं वो कभी उनका विरोध नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को आदेश दिए गए हैं कि वो प्रदर्शनकारियों पर किसी भी स्थिति में गोली न चलाएं.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की राजदूत सुसान राइस ने गद्दाफ़ी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा कि अपने नागरिकों को मौत के घाट उतार रहे कर्नल गद्दाफ़ी का इतने हल्के मन से अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करना दिखाता है वो अब ‘लीबिया में शासन करने के लायक नहीं रहे’.

इस बीच लीबिया से आ रही खबरों के मुताबिक मिसराता शहर में सरकार के विरोधियों और समर्थकों के बीच भीषण टकराव हुए हैं.

लगातार जारी हिंसा के इस दौर से निपटने के लिए पश्चिमी देशों ने एकजुट होने और कर्नल गद्दाफ़ी पर दबाव बनाने की क़वायद तेज़ कर दी है.

इन देशों का मकसद है जल्द से जल्द गद्दाफ़ी को अपने ही नागरिकों के खिलाफ़ हिंसा से रोकना.

संयुक्त राष्ट्र की ओर से मानवाधिकारों को लेकर जेनेवा में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि ‘कर्नल गद्दाफ़ी के जाने का समय अब आ गया है.’

विदेश मंत्री ने कहा कि गद्दाफ़ी और उनके सहयोगियों को अपने फ़ैसलों के लिए जवाबदेह होना होगा क्योंकि जो वो कर रहे हैं वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से गलत है और अनुचित भी.

'तानाशाह की गोलियों का सामना'

उन्होंने कहा, ‘’लीबिया में प्रदर्शनकारी आज़ादी जैसे बुनियादी हक के लिए एक तानाशाह की गोलियों का सामना कर रहे हैं.‘’

उन्होंने स्पष्ट किया कि अमरीका ने भले ही लीबिया के आसपास के इलाके में नौसैनिक जहाज़ों को नए लिरे से तैनात किया हो लेकिन वह किसी सैन्य कार्रवाई की तैयारी नहीं कर रहा है.

फ्रांस ने भी कहा है कि वो सैन्य विकल्पों के बारे में सोच रहा है और ब्रिटेन, लीबिया को ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ घोषित करने पर विचार कर रहा है.

सोमवार को यूरोपीय संघ ने हथियारों के प्रयोग पर पाबंदी के अलावा, संपत्ती ज़ब्त किए जाने और कर्नल गद्दाफ़ी सहित लीबिया के प्रशासनिक अधिकारियों की यात्रा पर रोक लगाने की घोषणा की.

मिसराता शहर में सोमवार को सरकार के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ. यह इलाक़ा राजधानी त्रिपोली के पूर्वी हिस्से में है और उससे लगभग 200 किलोमीटर दूर है.

खबरों के मुताबिक मिसराता शहर पर विरोधियों ने कब्ज़ा जमा लिया है लेकिन शहर के आसपास के इलाके और सैन्य थिकाने अब भी कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थकों के कब्ज़े में हैं.

बड़े प्रयासों की ज़रूरत

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Image caption मिसराता शहर में सोमवार को सरकार के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ.

एक स्थानीय डॉक्टर ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा प्रदर्शनकारियों ने कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थकों के हमलों का डटकर सामना किया.

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने रेडियो स्टेशन पर हमला करने वाले एक विमान को भी मार गिराया.

ग़ौरतलब है कि हर घंटे लगभग एक हज़ार लोग लीबिया को छोड़कर सीमा से सटे ट्यूनिशिया में पहुंच रहे हैं.

सोमवार को भी कई हज़ार अप्रवासियों और बांग्लादेश जैसे कई देशों से आए विदेशी मज़दूरों ने ट्यूनिशिया में शरण ली थी. इनमें से ज़्यादातर लोग मिस्र के हैं.

इन लोगों को हवाई और समुद्र मार्ग से निकालने की योजना बनाई जा रही है. हालांकि सीमा पर मौजूद बीबीसी संवाददाता के मुताबिक भारी संख्या में लगातार ट्यूनिशिया पहुंच रहे लोगों की मदद के लिए बड़े स्तर प्रयास करने होंगे.

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में लगभग एक लाख लोग लीबिया को छोड़ चुके हैं.

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