मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की जाँच

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अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कोर्ट (आईसीसी) ने लीबिया में हुई हिंसा के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन की आशंका को देखते हुए औपचारिक जाँच शुरु करने का फ़ैसला किया है.

मुख्य अभियोजक के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि सबूतों को परखा गया है जिसे देखकर लगता है कि जांच की ज़रूरत है.

जिन लोगों की जाँच होगी उनके बारे में गुरुवार को बताया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आईसीसी से कहा है कि वो प्रदर्शनकारियों पर बलप्रयोग के मामले की पड़ताल करे.

मुंह तोड़ जवाब

इस बीच कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थक सैनिकों की ओर से बरेगा शहर को कब्ज़े में लेने की कोशिशों को विद्रोहियों ने विफल कर दिया है.

शहर पर विद्रोहियों के कब्ज़े के बाद यह पहली बार है जब गद्दाफ़ी के समर्थक सैनिकों ने पूर्वी हिस्से को फिर अपने नियंत्रण में लेना चाहा.

बीबीसी संवाददाता जॉन सिम्पसन के मुताबिक शहर से गद्दाफ़ी के समर्थक सैनिकों को खदेड़ दिया गया है.

खबरों के मुताबिक इस घटना के बाद लीबियाई सरकार की ओर से शहर में मौजूद विद्रोहियों पर दो मिसाइल हमले भी किए गए.

इससे पहले कर्नल गद्दाफ़ी ने एक टेलिविज़न संदेश में कहा था कि वो अंतिम व्यक्ति के लड़ने तक इस विद्रोह का मुकाबला करेंगे.

अल क़ायदा पर निशाना

लीबिया के शासक कर्नल गद्दाफ़ी ने देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के लिए एक बार फिर विदेशी मीडिया और अल क़ायदा को दोषी ठहराया है.

उन्होंने कहा कि ये सब लीबिया पर नियंत्रण बनाने और उसके तेल भंडार हासिल करने की साज़िश है.

सरकारी टेलीविज़न पर दिए संदेश में गद्दाफ़ी का कहना था, “चरमपंथी लीबिया में कहर ढा रहे हैं, महिलाओं का बलात्कार कर रहे हैं और मस्जिदों में पनाह ले रहे हैं.”

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Image caption सरकार की ओर से ब्रेगा शहर को कब्ज़े में लेने की कोशिशों को विद्रोहियों ने विफल कर दिया है.

कर्नल गद्दाफ़ी ने संयुक्त राष्ट्र से एक मिशन भेजने के लिए कहा है जो हालात की जांच पड़ताल कर सके.

उन्होंने इन आरोपों को ‘सफ़ेद झूठ’ बताया कि सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाई गई हैं और कहा कि कई सुरक्षाकर्मी भी मारे गए हैं.

गद्दाफ़ी ने ये बात फिर दोहराई कि लीबिया में सत्ता लोगों के हाथ में है और लोगों की समिति की मंज़ूरी के बगैर कोई फैसला नहीं लिया जाता.

तेल के लिए लड़ाई

इस बीच गद्दाफ़ी का समर्थन करने वाले सुरक्षाकर्मी पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं जहाँ विद्रोहियों का कब्ज़ा है. उन्होंने तेल भंडार वाले एक कस्बे पर नियंत्रण कर लिया है. लेकिन बाद में विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने इलाक़े पर दोबारा कब्ज़ा कर लिया है.

पिछले दो हफ़्तों से चल रहे प्रदर्शनों में गद्दाफ़ी ने लीबिया के बड़े हिस्से पर नियंत्रण गवां दिया है.

हिंसा के कारण लीबिया-ट्यूनीशिया सीमा पर मानवीय संकट खड़ा हो गया है. हज़ारों विदेशी नागिरक वहाँ जमा हैं और अपने देश नहीं लौट पा रहे.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि बड़े पैमाने पर लोगों को निकाले जाने की ज़रूरत है और हज़ारों ज़िंदगियाँ दाँव पर लगी हैं

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