नक़ल के आरोप में जर्मन मंत्री का इस्तीफ़ा

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Image caption रक्षा मंत्री गुटनबर्ग को नक़ल के आरोपों के बाद इस्तीफ़ा देना पड़ा

जर्मनी के रक्षा मंत्री कार्ल थियोडोर त्सु गुटनबर्ग को अपनी डॉक्टरेट की थीसिस के अधिकांश हिस्से चोरी कर उठा लिए जाने का दोषी पाए जाने के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा है.

अभी हाल तक गुटनबर्ग को जर्मनी नेतृत्व करने वाले संभावित नेताओं में सबसे आगे माना जा रहा था.

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''ये मेरे जीवन का सबसे पीड़ादायक क्षण है.''

इसके पहले बड़ी संख्या में जर्मनी के शिक्षा से जुड़े लोगों ने चांसलर एंगेला मर्केल को पत्र लिखकर उनकी शिकायत की थी.

हालांकि इसके पहले तक कार्ल थियोडोर त्सु गुटनबर्ग अपनी पीएचडी में किसी अन्य के लेखों के हूबहू इस्तेमाल करने के आरोपों से इनकार करते आ रहे थे.

जर्मनी के एक अख़बार ने आरोप लगाया था कि इस शोध के कई हिस्से अन्य लोगों के व्याख्यानों से हूबहू नक़ल किए गए हैं.

गुटनबर्ग ने 2006 में संविधान पर पीएचडी की थी जिसकी काफ़ी सराहना हुई थी.

उनके शोध का विषय था- संविधान और संवैधानिक संधि: अमरीका और यूरोपीय संघ के देशों में संविधान का विकास.

गुटनबर्ग वर्ष 2002 से ही चांसलर एंगेला मर्केल के मंत्रिमंडल के सदस्य रहे हैं और 39 वर्षीय रक्षा मंत्री का नाम कई बार देश के भावी नेता के तौर पर लिया जाता रहा है.

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