मिस्र में ख़ुफ़िया पुलिस मुख्यालय पर हमला

मिस्र इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption मिस्र में प्रदर्शनकारियों ने ख़ुफ़िया पुलिस मुख्यालय पर हमला कर दिया.

मिस्र में प्रदर्शनकारियों ने देश के ख़ुफ़िया पुलिस के मुख्यालय पर हमला कर दिया. उनका आरोप था कि ख़ुफ़िया पुलिस के लोग कुछ अहम दस्तावेज़ों को जला रहे थे.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये दस्तावेज़ मिस्र में मानवाधिकार के उल्लंघन के मामले में ख़ुफ़िया पुलिस के ख़िलाफ़ अदालत में सबुत के तौर पर पेश किए जाने वाले थे.

एक प्रदर्शनकारी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें बिल्डिंग के चौकीदार ने ही अंदर जाने दिया था.

मुख्यालय के अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की जिसमें कई लोग घायल हो गए.

बाद में सेना ने मुख्यालय को अपने क़ब्ज़े में ले लिया.

ख़ुफ़िया पुलिस

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने पिछले महिने उस समय राष्ट्रपति रहे हुस्नी मुबारक को अपनी कुर्सी छोड़ने पर मजबूर कर दिया था.

उन प्रदर्शनकारियों की एक अहम मांग है कि ख़ुफ़िया पुलिस को भंग किया जाए.

ख़ुफ़िया पुलिस पर मानवाधिकार के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगते रहे हैं जिनमें पुलिस हिरासत में रखे गए लोगों को अमानवीय यातनाएं दिया जाना शामिल हैं.

मिस्र के ख़ुफ़िया पुलिस विभाग में लगभग एक लाख कर्मचारी हैं और मुख़बिरों का एक लंबा जाल है.

बीबीसी संवाददाता अलेस्टेयर लीथहेड के अनुसार हुस्नी मुबारक के तीन दशकों के शासन के दौरान ख़ुफ़िया पुलिस एक ऐसी संस्था थी जिससे सभी डरते थे.

तहरीर स्कायर में प्रदर्शन के दौरान ख़ुफ़िया पुलिस के लोगों ने ही प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था और अब वे आंदोलनकारियों के निशाने पर हैं.

शनिवार को पूर्व आंतरिक मंत्री जनरल हबीब अल अदली जो कि ख़ुफ़िया पुलिस के प्रमुख थे अदालत में पेश हुए. अदली पर आंदोलनकारियों पर अत्यधिक बल का प्रयोग करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप है, हालाकि वो इस तरह के किसी भी आरोप को ख़ारिज करते हैं.

मिस्र के नए प्रधानमंत्री एसाम शर्फ़ ने देश की सुरक्षा व्यवस्था में भारी सुधार का वादा किया है.

शुक्रवार को तहरीर स्कायर पर हज़ारों लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री एसाम शर्फ़ ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मिस्र के सुरक्षाकर्मी आम नागरिकों के हितों के लिए काम करेगें.

संबंधित समाचार