विद्रोहियों के हाथ से निकला नियंत्रण

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Image caption विद्रोही अब भी बेनग़ाज़ी में डटे हुए हैं

लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के विरोधियों को देश के पूर्वी हिस्से में स्थित नगर बरेगा से भागना पड़ा है.

गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों ने बरेगा में विद्रोहियों पर भारी गोलाबारी की जिसके बाद उनका वहाँ टिके रहना मुश्किल हो गया.

बरेगा पिछले कुछ दिनों में दूसरा शहर से जहाँ से विद्रोहियों को हटना पड़ा है, इससे पहले भारी लड़ाई के बाद तेल उत्पादन के केंद्र रास लानूफ़ पर गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों ने कब्ज़ा कर लिया था.

पश्चिमी लीबिया में सिर्फ़ मिसराता ही एक ऐसी जगह है जहाँ विद्रोहियों का नियंत्रण है लेकिन वहाँ से भी ज़ोरदार सैनिक कार्रवाई की ख़बरें आ रही हैं.

इस ख़बर से पिछले कुछ दिनों के रुझान की पुष्टि होती है कि करनल गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिक विद्रोहियों पर भारी पड़ रहे हैं. उधर सरकारी सेना पश्चिमी नगर मिसराता की सीमा तक पहुँच गई है और वहां टैंकों से हमले हो रहे हैं.

बेनग़ाज़ी शहर अब भी विद्रोहियों के क़ब्ज़े में है, बेनग़ाज़ी से ख़बर है कि वहाँ अल जज़ीरा की टीम रिकॉर्डिंग कर रही थी कि एक कार पीछे से आई और उसमें सवार बंदूकधारियों ने गोलियां चलानी शुरु कर दीं जिससे एक कैमरामैन मारा गया और एक पत्रकार घायल हो गया.

विद्रोहियों का कहना है कि लीबिया में संघर्ष ऐसे दो पक्षों के बीच हो रहा है जिसमें एक के पास समूची सेना है और दूसरे के पास अत्यंत सीमित संसाधन हैं.

वो कहते हैं कि उन पर ज़मीनी ही नहीं बल्कि हवाई और समुद्री हमले भी हो रहे हैं. वो चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी जल्दी क़दम उठाए और लीबिया की वायु सीमा को उड़ान निषिद्ध क्षेत्र घोषित करे.

शनिवार को अरब लीग के 22 देशों के विदेश मंत्रियों ने लीबिया के नागरिकों की सुरक्षा के नाम पर संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद से कहा कि वो उड़ान निषेध से सहमत हैं और इसे लागू करने का समर्थन करते हैं.

अरब लीग की बैठक के इस फ़ैसले से लगता है कि कर्नल गद्दाफ़ी अरब देशों के नेताओं को नाराज़ करने का ख़मियाज़ा भुगत रहे हैं.

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