फिर गरमाई राजनीतिक बदलावों की चर्चा

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Image caption वेन जियाबाओ ने ये बयान चीन की राजधानी बीजिंग में संसद की सालाना प्रेस वार्ता में दिया

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने एक बार फिर चीन में राजनीतिक बदलावों की बात की है.

प्रधानमंत्री ने कहा है कि राजनीतिक ढांचे में बदलाव के बिना पिछले 30 वर्षों के आर्थिक विकास को बरकरार नहीं रखा जा सकता.

चीन के प्रधानमंत्री ने बदलाव की बात तो की लेकिन ये स्पष्ट नहीं किया कि वो किस तरह के बदलावों की बात कर रहे हैं. हालांकि उन्होंने यह कहा कि ये बदलाव समय के साथ धीरे-धीरे किए जाएँगे.

वेन जियाबाओ ने ये बयान चीन की राजधानी बीजिंग में संसद की सालाना प्रेस वार्ता में दिया.

राजनीतिक सुधारों के बारे में पूछे गए सवाल को वो आसानी से टाल सकते थे लेकिन उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा, “राजनीतिक सुधारों के बिना आर्थिक सुधार सफल नहीं हो सकते और पिछले वर्षों में आर्थिक सुधारों के सहारे हासिल की गई आर्थिक उन्नति भी खो सकती है.”

अपने इस ब्यान के बाद वेन जियाबाओ ‘कंज़रवेटिव पार्टी’ और वरिष्ठ नेता वू बेगुयाओ के विरोध में दिखाई दे रहे हैं.

वू बेगुयाओ ने पिछले ही हफ्ते किसी बडे़ राजनीतिक बदलाव को नकार दिया था.

संसद में दिए बयान में उन्होंने कहा था कि अगर राजनीतिक ढांचे में बहुत ज़्यादा बदलाव किए गए तो इससे आर्थिक उन्नति प्रभावित हो सकती है.

हालांकि दोनो नेताओं के बयानों में उतना फर्क नहीं है, जितना दिखाई दे रहा है.

चीन के नेता अक्सर राजनीति को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की बात करते रहें है, लेकिन बुनियादी फेरबदल की नहीं.

वेन ज़ियाबाओ ने भी यह कहा है कि ये बदलाव चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की अगुवाई में ही किए जाएगें.

गौरतलब है कि ‘कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना’ चीन में पिछले 60 वर्षों से शासन कर रही है.

वेन जियाबाओ ने यह भी कहा है कि मध्यपूर्व-उत्तरी अमरीका में हो रही राजनीतिक हलचल और चीन की स्थिति में कोई समानता नहीं है.

चीन के प्रधानमंत्री पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं लेकिन इस बार वो एक कदम और आगे बढ़ गए.

चीन के गाँवों में लोग अपने नेता का सीधे तौर पर चुनाव कर सकते है. प्रधानमंत्री ने संकेत दिए कि मौजूदा व्यवस्था को ऊपरी स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

वेन जियाबाओ ने कहा, “अगर हम लोगों की परेशानियों का समाधान करना चाहते हैं तो हमें लोगों को सरकार की निगरानी करने और आलोचना करने की अनुमति देनी होगी.”

चीन के नेताओं की इस तरह के फैसलों पर असल राय क्या है इस बारे में बहुत कम जानकारी है, ऐसे में ये अंदाज़ा लगाना मुश्किल है कि प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ का ये बयान किस तरह के कदमों की ओर इशारा कर रहा है.

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