'अमरीका साइबर हमले रोकने में अक्षम'

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अमरीका के रक्षा मंत्रालय में साइबर कमान के प्रमुख ने अमरीकी सेना को चेताया है कि उनके पास कंप्यूटर हमलों से बचाव के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं.

जनरल कीथ एलेक्जेंडर ने संसद की एक समिति के सामने कहा कि स्थिति में सुधार हो रहा है लेकिन सैन्य और नागरिक व्यवस्थाओं में घुसपैठ पर हमले से मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

अधिकारियों का कहना है कि सरकार और निजी कंप्यूटर पर हर दिन लाखों बार हमले होते हैं और चरमपंथी और साइबर अपराधी इनका इस्तेमाल करने लगे हैं.

दरअसल अमरीकी संसद ने गृह मंत्रालय की नई साइबर सुरक्षा प्रणाली के बजट को लेकर आपत्ति जताई थी.

दरअसल साइबर हमले प्रशासनों और सरकारों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनते जा रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि हाल में विकीलीक्स ने ऐसे दस्तावेज़ प्रकाशित किए थे जिनसे दुनिया भर के देशों के बारे में अमरीकी राजनयिकों की राय ज़ाहिर हो गई है और इससे अमरीकी प्रशासन की ख़ासी फ़ज़ीहत हुई है.

इसके पहले विकीलीक्स अफ़ग़ानिस्तान वॉर डायरी के नाम से 90 हज़ार अमरीकी सैन्य दस्तावेज़ सार्वजनिक कर दिए थे.

इनमें अमरीका के सैन्य अभियानों और अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान में गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी थी.

इधर ब्रिटेन सरकार ने भी माना है कि कम्प्यूटर नेटवर्कों पर हमले ब्रिटेन के लिए सबसे बड़े ख़तरों में से एक हैं.

अक्सर साइबर अपराधी वेबसाइट के संचालकों की जानकारी के बग़ैर उन पर कब्ज़ा कर लेते हैं और उसका कई तरह से दुरुपयोग करते हैं, ख़ासकर स्पैम ईमेल यानी सामूहिक ईमेल भेजने के लिए करते हैं.

अमूमन कंप्यूटर चलाने वाले को ये पता ही नहीं होता कि उसकी मशीन पर किसी और ने कब्ज़ा कर लिया है.

ऐसा करने के लिए आमतौर पर ईमेल के ज़रिए भेजे जाने वाले सॉफ़्टवेयर का उपयोग किया जाता है और ये वैधानिक सॉफ़्टवेयर की तरह ही प्रतीत होता है.

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