संयंत्र में दुर्घटना अलर्ट का स्तर बढ़ा

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Image caption फुकुशिमा परमाणु संयंत्र का तापमान कम करने की कोशिशें लगातार जारी हैं

जापान ने फुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र में दुर्घटना अलर्ट स्तर को चार से बढ़ाकर पांच कर दिया है.

परमाणु दुर्घटना से होने वाले ख़तरे को मापने वाले सात अंक के अंतरराष्ट्रीय पैमाने पर यह चेतावनी अब पांच पर पहुंच गई है.

इस घोषणा के बाद फुकुशिमा में हुई दुर्घटना, 1986 में हुई चर्नोबिल परमाणु दुर्घटना से दो स्तर नीचे है.

जापान में आपात संकट से निपटने में जुटे कर्मचारियों का कहना है कि फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र में स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास काफ़ी धीमा चल रहा है.

परमाणु संयंत्र में मौजूद कर्मचारी लगातार संयंत्र में बिजली बहाल करने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

इससे पहले परमाणु ईंधन की छड़ों को पिघलने से बचाने के लिए वहां हेलीकॉप्टरों के ज़रिए पानी बरसाया गया था.

राजधानी टोक्यो में संयुक्त राष्ट्र के परमाणु सुरक्षा प्रभाग के अध्यक्ष का कहना था कि जापान के पास इस संकट से लड़ने के लिए सबसे ज़्यादा वक्त की कमी है.

शुक्रवार को जापान में ज़बर्दस्त भूकंप और सुनामी आई थी. इसके बाद से ही फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र में ईंधन को ज़रूरत से ज़्यादा तपने से रोकने की कोशिशें जारी हैं.

दरअसल प्राकृतिक आपदा के बाद परमाणु संयंत्र की बिजली सप्लाई बंद हो गई थी और ताप कम करने वाली मशीनें विफल हो गई थीं. इस वजह से परमाणु ईंधन लगातार गर्म हो रहा था.

संयंत्र को गाड़ने का प्रस्ताव

ख़बरों के मुताबिक फ़ुकुशिमा के संचालक ने संयंत्र को कंक्रीट के ढांचे में डालकर ज़मीन में गाड़ने का प्रस्ताव दिया गया है. विशेषज्ञों के मुताबिक ये विकिरण को रोकने का आख़िरी रास्ता होगा.

ऐसी ही प्रक्रिया 1986 में चर्नोबिल परमाणु संयंत्र से हुए नुक़सान को रोकने के लिए इस्तेमाल की गई थी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ टोक्यो की 'इलैक्ट्रिक पॉवर कंपनी' के एक अधिकारी ने मीडिया को बताया, “परमाणु संयंत्र को कंक्रीट के ढांचे में डालना असंभव तो नहीं है, लेकिन इस वक्त हमारी प्राथमिकता संयंत्र में बढ़ते तापमान को कम करना है.”

सेना के ट्रक और अग्निशमक गाड़ियां संयंत्र का तापमान गिराने के लिए वहां लगातार पानी की बौछार कर रहे हैं.

जापान में शोक का माहौल

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Image caption जापान में मारे गए लोगों की याद में एक मिनट का मौन रखा गया

इस बीच जापान में आए भयावह भूकंप और सुनामी को एक हफ्ता पूरा हो गया है. संकट की घड़ी में पूरे जापान में एक मिनट का मौन रखा गया.

इस शोक सभा के दौरान जापान में बेहद दुखद माहौल था और मौन के दौरान कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े.

जापान की पुलिस के मुताबिक उत्तरी जापान में मरने वालों की संख्या 6,500 तक पहुंच गई है और 10,000 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं.

लेकिन जापान की नयूज़ एजेंसी 'क्योडो' के मुताबिक मरने वालों की संख्या 10,000 से ज़्यादा हो सकती है.

राहतकार्य ज़ोरों पर है लेकिन उत्तर-पूर्वी इलाक़ों में भारी बर्फ़बारी की वजह से बचाव कार्य में बाधाएं आ रही हैं.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी के अध्यक्ष युकिया अमानो ने टोक्यो में कहा कि वो ख़ुद फुकुशिमा परमाणु संयंत्र का दौरा नहीं करेंगें.

उनका कहना था कि उनकी चार-सदस्यीय परमाणु विशेषज्ञों की टीम वहां का दौरा करेगी जिससे पहले वो संयंत्र के आस-पास के इलाक़ों में विकिरण के ख़तरे का निरीक्षण करेगी.

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