गद्दाफ़ी को ओबामा की चेतावनी

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अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी को संयुक्त राष्ट्र की माँगे माननी होंगी वरना उसे पश्चिमी देशों की सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

ओबामा ने कहा है कि गद्दाफ़ी को नागरिकों के ख़िलाफ़ हमले बंद करने होंगे और विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाक़ों से अपने सैनिक हटाने होंगे.

गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में लीबिया में नो फ़्लाई ज़ोन बनाए जाने का प्रस्ताव मंज़ूर हो गया था.

इसके बाद लीबिया ने संघर्षविराम की घोषणा कर दी थी. ब्रिटेन ने उसे आगाह किया था कि वो अपने लड़ाकू विमानों को तैयार कर रहा है ताकि लीबिया में हवाई हमले किए जा सकें.

अंतरराष्ट्रीय अभियान

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बराक ओबामा ने कहा है कि अगर लीबिया संयुक्त राष्ट्र की बात नहीं मानता तो अंतरराष्ट्रीय जगत क़दम उठाएगा और सैन्य कार्रवाई होगी.

हालांकि ओबामा ने इस बात पर जो़र दिया है कि ये एक अंतरराष्ट्रीय अभियान है. उनका कहना था, “अमरीका लीबिया में ज़मीन पर अपने सैनिक तैनात नहीं करेगा. एक निश्चित लक्ष्य से आगे जाकर हम सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे.”

कर्नल गद्दाफ़ी ने लीबिया पर पिछले 40 सालों से शासन किया है. ट्यूनीशिया और मिस्र में सत्ता परिवर्तन के बाद लीबिया में लगातार प्रदर्शन हुए हैं और विद्रोहियों के साथ संघर्ष चल रहा है.

उधर लीबिया से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक गद्दाफ़ी समर्थक सैनिक संघर्षविराम की घोषणा के बाद भी मिस्राता और अजदाबिया पर हमला कर रहे हैं.

मिस्राता लीबिया का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और पश्चिमी लीबिया में विद्रोहियों के कब्ज़े वाला आख़िरी शहर है. एक डॉक्टर के मुताबिक वहाँ हुई लड़ाई में 25 लोग मारे गए हैं.

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