जल्द ही बिजली होगी बहाल

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Image caption रिएक्टरों में बिजली सप्लाई के लिए कई दिनों से प्रयास चल रहा है.

जापान में फ़ुकुशिमा में भूकंप और सुनामी से प्रभावित हुए सभी छह परमाणु रिएक्टरों में बिजली की सप्लाई की मरम्मत का काम पूरा हो गया है मगर बिजली सप्लाई शुरू करने से पहले इसका परीक्षण बाकी है.

इस बीच रिएक्टर 3 को ठंडा करने के लिए फिर समुद्र के पानी का छिड़काव किया गया है. इन रिएक्टरों के आसपास विकिरण पाए जाने के बाद अब इन रिएक्टरों को चलाने वाली कंपनी विकिरण की निगरानी कर रही है.

सुबह होते ही फ़ुकुशिमा के परमाणु रिएक्टरों में बिजली सप्लाई की मरम्मत का काम शुरु कर दिया गया. कल विकिरण के ख़तरे की वजह से यह काम रोक दिया गया था. लेकिन बाद में विकिरण का स्तर गिर गया और यह माना गया कि वहां बिजली सप्लाई की मरम्मत का काम करना सुरक्षित है. शाम तक इन रिएक्टरों में बिजली की तारें जोड़ दी गयीं. लेकिन इंजिनियरों ने फ़ैसला किया कि बिजली शुरू करने से पहले इसका परीक्षण करना ज़रूरी है.

परीक्षण के बाद ही बिजली की सप्लाई शुरू होगी और रिएक्टरों को ठंडा करने वाली मशीनें भी शुरू की जाएंगी. इस बीच रिएक्टर नंबर 3 में ईंधन की छड़ों को ठंडा रखने के लिए समुद्री पानी का छिड़काव किया गया. मगर रिएक्टर के पास पड़े मलबे की वजह से इनके नज़दीक पहुंचने में दिक्कतें आ रही थीं.

पहले रिएक्टर से 16 किलोमीटर दूर तक के इलाके के पास भी विकिरण का स्तर सामान्य से काफ़ी ऊपर पाया गया था लेकिन वो धीरे धीरे कम हुआ है.

एक अमरीकी डॉक्टर रॉबर्ट गेल जिन्होंने 1986 में चेरनोबिल परमाणु दुर्घटना के बाद सहायता कार्य में मदद की थी. वो फ़ुकुशिमा में मौजूद हैं. उनका कहना था कि कि इन रिएक्टरों में मरम्मत का काम कर रहे कर्मचारियों को ख़तरा तो है ही.

रॉबर्ट गेल का कहना था, ‘‘कार्मचारी बहुत साहसी काम कर रहे हैं. और कुछ भी हो सकता है. लेकिन चेरनोबिल और यहां अंतर यह है कि यह कर्मचारी ऐसे बैज लगा कर काम कर रहे हैं जिससे पता चलता रहता है कि उन पर विकिरण का किस स्तर का असर हो रहा है. असर के ख़तरनाक स्तर पर पहुंचने से पहले उन्हें वहां से हटाया जा सकता है.’’

भूकंप और सुनामी से क्षतिग्रस्त हुई जिन सड़कों को बंद कर दिया गया था उन्हें अब यातायात के लिए दोबारा खोल दिया गया है. तेज़ गति से चलने वाली बुलेट ट्रेनों ने भी दौड़ना शुरू कर दिया है. इससे आपदाग्रस्त इलाकों में राहत पहुंचाने में भी मदद मिलेगी.

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