सालेह का सत्ता छोड़ने का प्रस्ताव

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Image caption सालेह पिछले 32 सालों से सत्ता में हैं

यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें सत्ताच्युत करने की कोशिश की गई तो देश में गृहयुद्ध शुरु हो जाएगा.

राष्ट्रपति ने कहा कि वो अगले वर्ष जनवरी में सत्ता छोड़ देंगे और इससे पहले संसदीय चुनाव भी करवाएंगे.

समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार विपक्ष ने राष्ट्रपति के इस प्रस्ताव को ख़ारिज़ कर दिया है.

राष्ट्रपति का कहना था,‘‘ जो लोग तख्तापलट के ज़रिए सत्ता में आना चाहते हैं उन्हें ये पता होना चाहिए कि इसका सवाल ही नहीं उठता. देश में स्थायित्व नहीं रहेगा.गृहयुद्ध शुरु हो जाएगा. खून ख़राबा होगा.’’

उल्लेखनीय है कि यमन में कई सैनिकों और अधिकारियों ने विपक्ष का समर्थन कर दिया है और विपक्ष राष्ट्रपति के इस्तीफ़े की लगातार मांग कर रहे हैं.

यमन के दक्षिण पूर्व इलाक़े में सैनिकों के दो गुटों के बीच झड़प में दो सैनिकों की भी मौत हुई है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि क्षेत्रीय विद्रोहों से जूझते देश में अल कायदा भी सक्रिय हो सकता है.

सोमवार को कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है.

खबरों के अनुसार दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

यमन में पिछले कई हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं.

इससे पहले शुक्रवार को एक प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में 50 प्रदर्शनकारी मारे गए थे जिसके बाद कई अधिकारियों ने पद से इस्तीफ़ा दिया है.

हालांकि इसके बावजूद राष्ट्रपति ने कड़ा रवैया बरकरार रखा है और लगता नहीं है कि वो पद छोड़ेंगे.

रविवार को उन्होंने अपने पूरे मंत्रिमंडल को ही बर्खास्त कर दिया था और उनसे कार्यवाहक ज़िम्मेदारियां दी थीं.

सालेह पिछले 32 सालों से सत्ता में हैं और देश के दक्षिण में लंबे समय से विद्रोह का सामना कर रहे हैं. यमन में शिया लोगों की बहुलता है लेकिन शासन सुन्नियों के हाथ में है.

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