टोक्यो के पानी में विकिरण

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Image caption टोक्यो में एक साल से कम उम्र के बच्चों को नल का पानी पीने से मना किया गया.

जापान में अधिकारियों का कहना है कि फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से निकले विकिरण ने राजधानी टोक्यो की जल आपूर्ति को प्रदूषित कर दिया है.

राजधानी के कुछ इलाक़ों में विकिरणों की मात्रा सुरक्षित स्तर से काफ़ी अधिक हो चुकी है.

फुकुशिमा संयंत्र के आसपास के इलाक़ों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वो आसपास उगने वाली कुछ सब्ज़ियां न खाएं क्योंकि उनमें विकिरण हो सकता है.

फुकुशिमा संयंत्र के छह रिएक्टरों में रिएक्टर नंबर 3 में धुआं उठने के बाद संयंत्र को अस्थायी रुप से खाली करा दिया गया है.

इंजीनियर पिछले कुछ दिनों से लगातार रिएक्टरों को ठंडा करने के प्रयासों में लगे हैं क्योंकि अगर रिएक्टर ठंडा नहीं हुआ तो इसमें रखे इस्तेमाल किए गए ईंधन छड़ों से बड़ी मात्रा में विकिरण निकल सकता है.

भूकंप और सूनामी के कारण रिएक्टर की कूलिंग प्रणाली ख़राब हो चुकी है.

अधिकारियों ने टोक्यो में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि एक साल से कम के बच्चों को नल का पानी न पीने दें.

मंगलवार को नलों के पानी का परीक्षण किया गया था तो पाया गया कि ये स्तर सुरक्षित स्तर से दोगुनी है.

अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा है कि बच्चे अगर बहुत अधिक नल का पानी पिएंगे तो ही विकिरणों का नुकसान हो सकता है जबकि बड़े लोगों को इससे कोई ख़तरा नहीं है.

सरकार ने फुकुशिमा के आसपास रहने वाले लोगों को 11 किस्म की सब्ज़ियां खाने से मना किया है. ये हरे पत्तों वाली वो सब्ज़ियां हैं फुकुशिमा के आसपास के इलाक़े में उगाई जाती हैं.

स्थानीय लोगों से कहा गया है कि वो अपनी सब्ज़ियां और अन्य सामान बेचने के लिए बाज़ारों में न भेजें. इसके अलावा पास के इबाराकी इलाक़े में लोगों से कहा गया है कि वो दूध उत्पादों को बाहर भेजने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दें.

जापान के कैबिनेट सेक्रेटरी यूकियो इदानो का कहना था कि अगर लोग ये सब्ज़ियां खाते हैं तो भी उनके स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा.

इदानो का कहना था, ‘‘ दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि ऐसी स्थिति लंबे समय के लिए रह सकती है इसलिए हम लोगों से कह रहे हैं कि दूध बाहर भेजने से रोका जाए और ये सब्ज़ियां आदि कम से कम इस्तेमाल की जाएं.’’

अमरीका के खाद्य एवं ड्र्ग्स संगठन ने घोषणा की है कि जापान के फुकुशिमा, इबाराकी, टोचिगी और गुनमा इलाक़ों से किसी भी फलों और सब्ज़ियों के आने पर रोक लगा दी गई है.

चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया पहले से ही जापान से आ रही हर वस्तु की कड़ी निगरानी कर रहे हैं.

जापान में आए भूकंप और सूनामी से मरने वालों की संख्या अब दस हज़ार तक पहुंच चुकी है और 15 हज़ार के करीब लोग गायब बताए जाते है.

इस आपदा में पाँच लाख लोग बेघर हुए हैं जबकि तीन लाख लोग अभी भी अस्थायी केंद्रों में रह रहे हैं.

जापान का कहना है कि इस आपदा के बाद देश के पुनर्निर्माण में 25 ख़रब येन की लागत आएगी.

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