अरब जगत में जनता सड़कों पर उतरी

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कई अरब देशों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए हैं. सीरिया, यमन, जॉर्डन और बहरीन में जनता राजनीतिक सुधारों को लेकर सड़कों पर उतर आई.

यमन की राजधानी साना में हज़ारों लोगों ने सरकार के समर्थन और विरोध में हिस्सा लिया.

जॉर्डन में राजनीतिक सुधार की माँग करने वालों पर राजशाही के समर्थकों की पत्थरबाजी के बाद हिंसा भड़क उठी. इस हिंसा में एक व्यक्ति मारा गया.

बहरीन में लोकतंत्र समर्थकों ने मार्शल लॉ लागू होने के बाद पहली बार इकट्ठा होने की कोशिश की और छोटी छोटी कई रैलियाँ आयोजित कीं.

यमन

यमन की राजधानी सना में परस्पर विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं जबकि सीरिया के डेरा शहर में हो रही रैलियों के दौरान हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की है जिसमें 20 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

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Image caption जॉर्डन में प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी

सीरिया के के डेरा में नाराज़ लोग पूर्व राष्ट्रपति हफ़ीज़ अल असद का पुतला जलाने की कोशिश कर रहे थे और उसी समय किसी ने गोलियां चलाईं.

एक हफ़्ते पहले ही सना में हुए प्रदर्शनों में की गई गोलीबारी में 50 लोग मारे गए थे.

सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 1978 में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के सत्ता में आने के बाद उनके ख़िलाफ़ ये अब तक की सबसे बड़ी रैली है.

उधर राष्ट्रपति सालेह ने अपने समर्थकों की एक रैली से कहा कि वो ‘सत्ता हस्तांतरण’ के लिए तैयार हैं लेकिन वो सत्ता ‘सुरक्षित हाथों’ में ही सौपेंगे.

सालेह ने किसी भी प्रकार के ख़ून ख़राबे की भर्त्सना की और अपने समर्थकों से मज़बूती से खड़े रहने को कहा.

सीरिया

एक हफ्ते पहले सीरिया मे सरकारी बलों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया था जिसके बाद डेरा में अब प्रदर्शन हुए थे.

शुक्रवार को प्रदर्शनों से पहले पत्रकारों, प्रदर्शनकारियों पर शहर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.

राजधानी दमिश्क में भी प्रदर्शन हुए हैं लेकिन सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनों को ज़ोर पकड़ने नहीं दिया.

गुरुवार को सीरिया की सरकार ने कहा था कि वो राजनीतिक सुधारों पर विचार कर रही है जिसके तरह 1960 में लाए गए आपातकाल क़ानून को बदलने पर भी विचार किया जाएगा.

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