लीबिया: हवाई हमलों से हिली राजधानी

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Image caption त्रिपोली पर सातवीं रात भी हमले जारी रहे.

गठबंधन सेनाओं ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली पर सातवीं रात को भी हवाई हमले किए हैं. शहर से कई ज़ोरदार धमाके सुने गए हैं.

त्रिपोली के एक निवासी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि धमाके शहर के तजौरा इलाक़े में हुए हैं. इस उप नगर पर पहले भी गठबंधन सेनाएं बम बरसा चुकी हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने तजौरा में लीबियाई सेना के रडार ठिकाने को जलता हुआ देखा है.

बताया जाता है कि इस क्षेत्र बहुत से सैनिक अड्डे हैं. एक नागरिक ने कहा है कि रात को पूरा क्षेत्र एक के बाद एक धमाकों कई से गूंज उठा था.

इन धमाकों से पहले पूर्वी लीबिया के अजदाबिया शहर के आस-पास गठबंधन सेनाओं ने गद्दाफ़ी की टैंको और तोपखाने पर कई हमले किए.

इस शहर में गद्दाफ़ी और विद्रोहियों के बीच भीषण जंग छिड़ी हुई है.

गद्दाफ़ी समर्थक सेना को भारी नुकसान के बावजूद मिस्राता शहर में लड़ाई जारी है. वहां भी रात को बमबारी की ख़बर है.

उधर लीबिया के नेता कर्नल गद्दाफ़ी ने सेना और पुलिस में काम कर रहे हर व्यक्ति की पदोन्नति करने की घोषणा की है. उनके प्रशासन ने गैर-सैनिक वॉलंटियरों को हथियार देने का प्रस्ताव भी रखा है.

त्रिपोली का हाल

Image caption लीबिया के सरकारी चैनल हमले की कथित तस्वीरें दिखाई जा रही हैं.

त्रिपोली में मौजूद बीबीसी को विश्व मामलों के संपादक जॉन सिंपसन के अनुसार गठबंधन ये जानता है कि इस युद्ध में आमलोगों को मारना कितना विनाशकारी हो सकता है. सिंपसन के अनुसार गठबंधन ऐसी स्थिति से बचने की पूरी कोशिश कर रहा है. लीबिया का सरकारी बार-बार गठबंधन हमलों में कथित तौर पर मारे गए आमलोगों की तस्वीरें दिखाता रहता है.

सिंपसन बताते हैं कि त्रिपोली में मौजूद अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को एक बस में डालकर तिजौरा ले जाया गया जिसपर बीती रात गठबंधन सेनाओं ने हवाई हमले किए थे.

सिंपसन कहते हैं, "हमें वहां एक फ़ार्महाउस दिखाया गया जिसपर बम गिरे थे लेकिन हमें दीवार पर जो छेद दिखाए गए वो तो किसी ऑउटोमैटिक राइफ़ल के लग रहे थे. वहां मौजूद गद्दाफ़ी समर्थक एक किसान ने कहा कि उसकी 18 साल की बेटी घायल हो गई है. लेकिन माली ने बताया कि दरअसल चार साल का एक बच्चा घायल हुआ है."

उधर अमरीकी सेना के प्रवक्ता वाइस एडमिरल विलियम गॉर्टनी ने कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी के पास अब कोई 'हवाई सुरक्षा' नहीं है, जिसके कारण उसके पास थलसेना को सहायता देते रहने की क्षमता कम होती जा रही है.

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