फ़ुकुशिमा: विकिरण में वृद्धि की रिपोर्ट 'ग़लत'

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Image caption विकिरण का स्तर एक करोड़ गुना आने पर ऑपरेटर दूसरे टेस्ट से पहले ही भाग गए

जापान में भूकंप और सुनामी के बाद क्षतिग्रस्त हुए फ़ुकुशिमा दाइची परमाणु संयंत्र के ऑपरेटरों ने कहा है कि वहाँ के पानी में विकिरण की मात्रा के सामान्य से एक करोड़ गुना ज़्यादा पाए जाने की रिपोर्ट ग़लत है.

इससे पहले जब फ़ुकुशिमा के 'रिएक्टर 2' के पानी में विकिरण की मात्रा की ये ख़बर आई थी तो पूरे विश्व में खलबली मच गई थी.

ऑपरेटरों ने इस ग़लती के लिए माफ़ी मांगी है. पता चला है कि फ़ुकुशिमा दाइची रिएक्टर परिसर में रेडियो सक्रियता का स्तर सामान्य से 'एक करोड़ गुना होने' का पता चलते ही वहाँ मौजूद कर्मचारी परिसर को छोड़कर भाग गए थे.

ग़ौरतलब है कि जापान में 11 मार्च को आए भूकंप और उसके बाद आई सुनामी के कारण मरने वालों की संख्या 10 हज़ार हो गई है जबकि 17 हज़ार से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं.

'प्रदूषण उस हद तक नहीं'

एक प्रवक्ता ने कहा है कि रिएक्टर का पानी प्रदूषित है लेकिन उस हद तक नहीं जिस हद तक बताया गया था. अब वहाँ विकिरण का स्तर जानने के लिए दोबारा टेस्ट किए जा रहे हैं.

रविवार को विकिरण के स्तर के बारे में जानकारी आने के बाद सभी कर्मचारियों को परिसर को खाली करने के लिए कहा गया था.

इसके कारण फ़ुकुशीमा के चार अस्थिर रिएक्टरों को नियंत्रण में लाने का काम भी बाधित हुआ है.

उधर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अध्यक्ष यूकिया अमानो ने कहा, "दाईची में संकट कुछ महीने नहीं तो कुछ हफ़्ते तक तो ज़रूर चलेगा."

बीबीसी संवाददाता विवियन मार्श के अनुसार इस आपात स्थिति से निपटना फ़ुकुशिमा से एलर्ट और परिसर को खाली करने की हिदायतों के बीच मुश्किल हो गया है.

उनका कहना है कि सैकड़ों कर्मचारी इन रिएक्टरों में बिजली की सप्लाई सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं और इसीलिए रिएक्टरों को ठंडा करने के लिए उचित उपकरणों को सक्रिय नहीं किया जा सका है.

इसी के साथ भूकंप और सुनामी के दो हफ़्ते बाद भी पता नहीं चल पाया है कि परिसर में रेडियो सक्रियता और विकिरणों के प्रदूषण का असल कारण क्या है.

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