विद्रोहियों का अभियान सिरते पर रुका

सिरते के पास विद्रोहियों पर गोलाबारी

लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी की सत्ता के ख़िलाफ़ संघर्ष कर रहे और पश्चिमी ठिकानों की ओर बढ़ रहे विद्रोहियों को सिरते शहर के पास रोक दिया गया है.

पहले विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने गद्दाफ़ी के पैतृक शहर सिरते पर कब्ज़ा कर लिया है. लेकिन अब ख़बरें आ रही हैं कि बिन जवाद पर कब्ज़ा करने के बाद विद्रोहियों पर गद्दाफ़ी की फ़ौज ने घात लगाकर हमले किए और मशीनगनों और तोपों से गोलाबारी की है.

उधर फ़्रांस और ब्रिटेन ने लीबियाई नागरिकों से आग्रह किया है कि वे कर्नल गद्दाफ़ी के बिना नए युग की शुरुआत की तैयारी करें.

उधर इटली के छोटे से द्वीप लाम्पेदूसा में लीबिया में हो रही जंग से भाग रहे अनेक लोग जमा हो गए हैं और वहाँ तनाव का माहौल है.

विरोध की शुरुआत

ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन के बाद, लगभग डेढ़ महीने पहले लीबिया में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु हुए थे जिन्होंने बाद में कर्नल गद्दाफ़ी की सरकार के ख़िलाफ़ विद्रोह का रूप ले लिया है.

जब कर्नल गद्दाफ़ी ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग किया तो अनेक देशों ने इसकी निंदा की थी.

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Image caption विद्रोहियों का अभियान सिरते के पास रुका जब गद्दाफ़ी की फ़ौज ने गोलाबीरी की

फिर फ़्रांस, ब्रिटेन की पहल और अमरीका के समर्थन से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लीबिया पर 'नो फ़्लाई ज़ोन' कायम करने का प्रस्ताव परित किया जिसके बाद लीबियाई सैन्य ठिकानों पर अनेक मिसाइल दागे गए हैं और भीषण बमबारी हुई है.

गद्दाफ़ी के विरोधी चाहते हैं कि 1969 से सत्ता में बने हुए कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता छोड़ दें और लीबिया में व्यापक राजनीतिक सुधार शुरु हों.

विद्रोहियों पर भीषण गोलाबारी

सिरते शहर की ओर बढ़ रहे विद्रोहियों पर कर्नल गद्दाफ़ी की फ़ौज ने भीषण गोलाबारी की और विद्रोहियों को पीछे हटना पड़ा.

इससे पहले सिरते शहर के ऊपर आकाश में गठबंधन सेनाओं के लड़ाकू विमान और भीषण धमाके सुने गए.

सिरते शहर पश्चिमी लीबिया में न केवल गद्दाफ़ी का पैतृक शहर है बल्कि ऐसा आख़िरी बड़ा गढ़ है जो गद्दाफ़ी के कब्ज़े में है.

उधर ब्रितानी सेना ने कहा है कि उसने असलहे के उन बंकरों को निशाना बनाया है जहाँ से लीबियाई सरकारी फ़ौज को असलहा-बारूद सप्लाई हो रहा था.

लंदन में बैठक, सार्कोज़ी-कैमरन का आग्रह

फ़ांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी और ब्रिटेन के प्रधानमत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि गद्दाफ़ी को तत्काल सत्ता से हट जाना चाहिए.

दोनों नेताओं ने कहा कि लंदन में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय बैठक करेगा और नए सिरे से लीबिया और लीबियाई लोगों को अपने स्वतंत्रत भविष्य के बारे में विचार करने पर पहल करेगा.

उन्होंने उन लीबियाई से भी अपील की है जो गद्दाफ़ी के विरोधी हैं, वो आगे आएँ और राजनीतिक बदलाव की इस प्रक्रिया में शामिल हों.

इससे पहले रूसी विदेश मंत्री सरगेई लवरोव ने ने कहा था कि लीबियाई सेनाओं के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के कुछ हवाई हमले आम नागरिकों को बचाने से आगे बढ़ गए हैं और लीबियाई गृह युद्ध में दख़ल देने के बराबर हैं.

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