इतिहास से: अमरीकी राष्ट्रपति को लगी गोली, सत्यजीत रे को ऑस्कर

Image caption 30 मार्च को अमरीका के राष्ट्रपति रॉनाल्ड रीगन पर गोली चला दी गई थी.

इतिहास में 30 मार्च 1981 की तारीख़ पर कई महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. इस दिन अमरीका के राष्ट्रपति रॉनल्ड रीगन पर एक बंदूकधारी ने वॉशिंगटन में गोली चला दी थी.

इस घटना में 70 साल के राष्ट्रपति रीगन गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गए थे.

घटना उस समय हुई जब 'ह्वाइट हाउस' से करीब एक मील दूर स्थित हिल्टन होटल से वो एक सम्मेलन को संबोधित कर बाहर निकल रहे थे.

बंदूकधारी जॉन हिंक्ले जूनियर ने नज़दीक से उनपर पांच-छह गोलियां दागी थीं.

गोलीबारी में राष्ट्रपति के प्रेस सचिव जेम्स ब्रैडी और दो पुलिस अधिकारी भी ज़ख्मी हो गए थे.

इस घटना के बाद अमरीका में नेतृत्व को लेकर एक मामूली भ्रांति पैदा हो गई थी क्योंकि राष्ट्रपति रॉनल्ड रीगन अस्पताल में थे और उप राष्ट्रपति जॉर्ज बुश टेक्सास की यात्रा के बाद वॉशिंगटन लौट रहे थे.

घटना के तुरंत बाद अमरीकी शेयर बाज़ार में कारोबार और ऑस्कर पुरस्कार समारोह को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया था.

1997 को देवेगौड़ा सरकार से कांग्रेस ने समर्थन वापस लिया

अगर भारत की बात करें तो 30 मार्च को ही कांग्रेस ने 10 महीने पुरानी एचडी देवेगौड़ा सरकार से कमज़ोर नेतृत्व का हवाला देते हुए समर्थन वापस ले लिया था.

इसके साथ ही एक साल के भीतर तीसरी बार सरकार बदली गई थी. इसके बाद इंद्र कुमार गुजराल के नेतृत्व में 16 दलों की संयुक्त मोर्चा सरकार बनाई गई थी.

सत्यजीत रे को ऑस्कर पुरस्कार

तीस मार्च 1992 को भारतीय फिल्मकार सत्यजीत रे को 'ऑनररी लाइफ टाइम अचीवमेंट' पुरस्कार से नवाज़ा गया था.

पाथेर पांचाली, अपराजितो, अपूरसंसार और चारूलता जैसी यादगार फ़िल्में बनाने वाले सत्यजीत रे ने अपने जीवन में कुल 37 फ़िल्में बनाई थीं.

सिनेमा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए ही उन्हें विशेष ऑस्कर सम्मान दिया गया था.

संबंधित समाचार