विकिरण तीन हज़ार गुना बढ़ा

जापान रेडिएशन

जापान में परमाणु सुरक्षा एजेंसी का कहना है कि फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के पास समुद्र में विकिरण का स्तर बहुत ज़्यादा पाया गया है.

ताज़ा परीक्षण में रेडियोएक्टिव आयोडीन के तत्व सामान्य से 3,000 गुना ज़्यादा पाए गए हैं.

आशंका जताई जा रही है कि परमाणु संयंत्र से विकिरण युक्त पानी अभी भी प्रशांत महासागर में लीक हो रहा है.

लेकिन कुछ अधिकारी अभी भी इस ख़तरे को कम कर के आंक रहे हैं. उनका कहना है कि विकिरण युक्त पदार्थ जब तक पानी में रहने वाले जीवों या इंसानों तक पहुंचेंगा, तब तक उसका असर कमज़ोर पड़ जाएगा.

विकिरण युक्त पदार्थ आयोडीन मनुष्य के स्वास्थय के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है क्योंकि ये पदार्थ थायरॉयड में जाकर जम जाता है जिससे थायरॉयड कैंसर का ख़तरा पैदा हो सकता है.

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों को आम पानी न पिलाएं.

जापान में अलर्ट

इसके अलावा फ़ुकुशिमा के आस पास के इलाक़ों में विकिरण का हानिकारक स्तर पाया गया है.

फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र के परिचालक ने घोषणा की है कि चारों क्षतिग्रस्त रिएक्टरों को जल्द ही बंद करना होगा.

टोक्यो इलैक्ट्रिक पॉवर यानि ‘टेप्को’ ने ये घोषणा तब की जब चार रिएक्टरों से हो रहे विकिरण को क़ाबू में नहीं लाया जा सका.

रिएक्टर नंबर 5 और 6 को पहले ही सुरक्षित रुप से बंद कर दिया गया है.

टोक्यो इलैक्ट्रिक पॉवर कंपनी के अध्यक्ष ने इस नुक़सान के लिए लोगों से माफ़ी मांगी है. उन्होंने कहा, “हम तहे दिल से इस दुर्घटना के लिए माफ़ी चाहते हैं. विकिरण के हवा, पानी और खाद्य पदार्थों में फैलने से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं.”

टेप्को के अध्यक्ष सुनेहिसा कात्सुमाता ने कहा कि रिएक्टर नंबर एक, दो, तीन और चार को बंद करने के अलावा उनके पास और कोई चारा नहीं है.

जापान में आए भूकंप और सुनामी ने परमाणु संयंत्र की बिजली सप्लाई को बुरी तरह से प्रभावित किया था, जिसके बाद संयंत्र के कूलिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था.

संयंत्र में तापमान कम करने के लिए कई इंजीनियरों ने लगातार कोशिश की लेकिन ये अभियान विफल रहा.

जापान के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने कहा है कि जापान अधिकतम अलर्ट की स्थिति में है.

जापान में 11 मार्च को आए भूकंप और सुनामी के क़हर के बाद अब तक 11,000 लोग मारे गए हैं.

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