गद्दाफ़ी का प्रशासन चरमरा रहा है:ब्रिटेन

मूसा क़ौसा, लीबिया के विदेश मंत्री इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption लीबिया के विदेश मंत्री ने गद्दाफ़ी का साथ छोड़ा, ब्रिटेन पहुंचे

लीबिया के विदेश मंत्री मूसा क़ौसा कर्नल गद्दाफ़ी का साथ छोड़कर ब्रिटेन पहुँच गए हैं, उनका पाला बदलना कर्नल गद्दाफ़ी के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.

मूसा क़ौसा लीबिया से ट्यूनिशिया के रास्ते ब्रिटेन पहुँचे हैं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा कि मूसा क़ौसा से ब्रितानी विदेश विभाग के अधिकारी बातचीत कर रहे हैं, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया गया कि उन पर मुक़दमा नहीं चलाया जाएगा.

विलियम हेग ने कहा, "कर्नल गद्दाफ़ी के आसपास मौजूद अहम लोगों को उनका साथ छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, क़ौसा का देश छोड़कर निकल आना यही दिखाता है कि कर्नल गद्दाफ़ी का प्रशासन चरमरा गया है और वे अकेले पड़ते जा रहे हैं".

62 साल के मूसा क़ौसा को एक बहुत ही कुशल कूटनयिक माना जाता है, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लीबिया का बचाव करने की चुनौती भरी भूमिका काफ़ी अच्छी तरह निभाई है.

अमरीका से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले क़ौसा ने कर्नल गद्दाफ़ी का राजनीतिक बहिष्कार ख़त्म कराने में अहम भूमिका निभाई थी.

लड़ाई का हाल

अजदाबिया, ब्रेगा और रास लानूफ़ जैसे तटवर्ती शहरों से ज़ोरदार संघर्ष के समाचार मिल रहे हैं, अजदाबिया से ब्रेगा की ओर बढ़ रहे विद्रोहियों पर कर्नल गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों ने गोलाबारी की है.

विद्रोहियों के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं और उन्हें वापस अजदाबिया की ओर भागना पड़ा है. ऐसा पहले भी हुआ है कि विद्रोहियों को भारी गोलाबारी की वजह से पीछे हटना पड़ा है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सैनिक नेतृत्व और साज़ोसामान की कमी के कारण विद्रोहियों की अप्रशिक्षित सेना आगे नहीं बढ़ पा रही है.

वैसे ऐसी ख़बरें मिल रही है कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए विद्रोहियों की मदद कर रही है,अमरीकी प्रशासन ने इन ख़बरों पर टिप्पणी करने से इनकार किया है.

समाचारपत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने ख़बर दी है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विद्रोहियों की मदद के लिए सीआईए का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है.

व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में सिर्फ़ इतना ही कहा गया है कि ख़ुफ़िया सेवाओं के मामले में राष्ट्रपति भवन की ओर से टिप्पणी न करने की परंपरा का पालन किया जाता है.

इससे पहले बराक ओबामा ने कहा था कि लीबिया के विद्रोहियों को अमरीकी हथियार दिए जाने का विकल्प भी खुला हुआ है. इस बीच लीबिया की राजधानी त्रिपली में रोमन कैथलिक चर्च के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि पश्चिमी देशों की बमबारी में 40 आम नागरिक मारे गए हैं.

लीबियाई अधिकारी विदेशी पत्रकारों को उन स्थानों पर ले गए हैं जहाँ नैटो के लड़ाकू विमानों ने बमबारी की है, मगर नैटो के प्रवक्ता का कहना है कि आम नागरिकों के हताहत होने की कोई सूचना उनके पास नहीं है.

संबंधित समाचार