यमन में प्रदर्शनों की होड़

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Image caption राष्ट्रपति सालेह 2012 के पहले हटने के लिए तैयार नहीं

यमन की राजधानी साना में राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह के समर्थक और विरोधी गुटों के बड़े प्रदर्शन एक दूसरे से कुछ दूरी पर ही चल रहे हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार राजधानी साना में सुबह से ही दसियों हज़ार लोग अलग-अलग रास्तों से परस्पर विरोधी रैलियों की तरफ जा रहे थे.

तीस सालों से राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठे सालेह के विरोधी राजधानी के यूनीवर्सिटी चौक पर जमा हो रहे हैं और उनके समर्थक तहरीर चौक पर.

ऐसी खबरें हैं की बीती रात को सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों ने मिल कर तय किया है कि वो दोनों गुटों में टकराव नहीं होने देंगे.

बीबीसी संवाददाता का कहना है की इस समय सबसे ज़्यादा ज़रुरत देश में दोनों गुटों के बीच चल रहे व्यापक टकराव का हल खोजने की है लेकिन अभी तक दोनों पक्ष अपनी जगह अड़े हुए हैं.

राष्ट्रपति सालेह 2012 के पहले हटने के लिए तैयार नहीं और उनके विरोधी उनकी तत्काल विदाई चाहते हैं.

यमन में मौजूद पश्चिमी कूटनयिकों का कहना हैं की सालेह से पद छोड़ने का आग्रह कर रहे हैं. सालेह बहुत लंबे समय से पश्चिमी देशों के नज़दीक माने जाते रहे हैं.

आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमरीका की लड़ाई में भी वो अमरीका और ब्रिटेन के दोस्त रहे हैं.

अमरीका में ये सोच रही है कि सालेह के अलावा कोई भी आदमी यमन में अल कायदा को नहीं रोक सकता.

सालेह भी लगातार कह रहे हैं की अगर वो गए तो अल कायदा उनके देश पर काबिज़ हो जाएगा.

हालांकि अभी ज़्यादातर लोग उन्हें ही देश के भीतर उपजी अस्थिरता का कारण मान रहे हैं.

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