लीबिया:विद्रोहियों को इटली की मान्यता

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Image caption इटली के विदेश मंत्री ने लीबिया में अस्थाई राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अली इसावी से रोम में मुलाक़ात की

लीबिया में विद्रोहियों की अंतरिम राष्ट्रीय परिषद को इटली ने मान्यता दे दी है. इटली ने कहा है कि ये परिषद लीबियाई लोगों की एकमात्र प्रतिनिधि है.

विद्रोहियों के कुछ नेताओं से बात करते हुए इटली के विदेश मंत्री फ्रांको फ्रातिनी ने कहा है कि इटली जल्द ही बेनगाज़ी में एक कूटनीतिक मिशन खोलेगा. लीबिया के बेनगाज़ी शहर पर विद्रोहियों का कब्ज़ा है.

इससे पहले फ़्रांस ही एकमात्र पश्चिमी देश था जिसने पिछले महीने लीबियाई विद्रोही परिषद को मान्यता दी थी.

इस बीच कर्नल गद्दाफ़ी के विशेष दूत और उप विदेशमंत्री अब्दुल अतिअल ओबैदी यूरोप के कूटनीतिक दौरे पर हैं.

अब्दुल अतिअल ओबैदी ने रविवार देर शाम ग्रीस के प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी. आज लीबिया के उप विदेशमंत्री तुर्की में हैं जिसके बाद वे माल्टा जाएँगे.

ग्रीस ने लीबिया के उप विदेशमंत्री के हवाले से कहा है कि ऐसा लगता है कि कर्नल गद्दाफ़ी अब विद्रोह और हिंसा का हल चाहते हैं.

लेकिन इटली के विदेश मंत्री ने सोमवार को रोम में कहा है कि ओबैदी ने ऐसा कहीं नहीं कहा है कि गद्दाफ़ी सत्ता से हटना चाहते हैं और इसलिए ये बात मानने लायक नहीं है.

इतालवी विदेश मंत्री का कहना था कि अब विद्रोहियों की अंतरिम परिषद ही नए लीबिया को प्रतिंबिति करता है.

ब्रेगा में लड़ाई

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उधर पूर्वी लीबिया में लड़ाई एक बार फिर तेज़ हो गई है. रिपोर्टों के मुताबिक लीबियाई विद्रोही ब्रेगा कस्बे की ओर बढ़ रहे हैं.

आज विद्रोहियों ने ब्रेगा की ओर मार्च किया ताकि उस इलाक़े पर फिर से कब्ज़ा किया जा सके जो गद्दाफ़ी के नियंत्रण में चला गया है.

बताया जा रहा है कि इस बार विद्रोही पहले से ज़्यादा संगठित नज़र आ रहे हैं. कई सैनिक गद्दाफ़ी की सेना छोड़कर विद्रोहियों का साथ दे रहे हैं जिससे उनके हौसले बुलंद हैं.

लेकिन ये भी सच है कि विद्रोहियों को न तो ठीक से प्रशिक्षण मिला है और न ही उनके पास ज़रूरी हथियार हैं.

टीकाकारों का कहना है कि अगर विद्रोही ब्रेगा पर कब्ज़ा कर भी लेते हैं तो भी अभी ये आसार नज़र नहीं आते कि वो राजधानी त्रिपोली की ओर बढ़ पाएँगे.

'गद्दाफ़ी के बेटे नहीं '

उधर विद्रोहियों के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वे लीबिया में ऐसा सत्ता हस्तांत्रण स्वीकार नहीं करेंगे जिसमें सत्ता गद्दाफ़ी के बेटों के हाथों में दे दी जाए.

प्रवक्ता का कहना था कि अस्थाई राष्ट्रीय परषिद इस बात के बिल्कुल ख़िलाफ़ है कि अगर गद्दाफ़ी हटते हैं तो उनके बेटे सैफ़ अल इस्लाम और सादी गद्दाफ़ी को अंतरिम नेता बनाया जाए.

ये रिपोर्ट न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी है हालांकि बीबीसी इस ख़बर की पुष्टि नहीं कर पाया है.

इस बीच लीबिया के पश्चिमी शहर मिसराता में लड़ाई की व्यापकता का असर अब सामने आ रहा है. पश्चिमी लीबिया में केवल मिसराता ही ऐसा शहर है जिसपर विद्रोहियों का कब्ज़ा है.

पिछले कई हफ़्तों से मिसराता को गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों ने घेरा हुआ है.

मिसराता में घायल हुए 250 से ज़्यादा लोगों को लेकर एक जहाज़ बेनगाज़ी पहुँचा है. डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

ब्रिटेन की रॉयल एयर फ़ोर्स के प्रमुख कहा है कि लीबिया में नागरिकों की रक्षा के लिए ब्रिटेन अगले छह महीने तक अभियान चलाने की योजना बना रहा है.

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