लीबिया सरकार सुधारों के लिए सशर्त तैयार

लीबिया
Image caption गद्दाफ़ी की सेना पर नेटो हमला जारी है

लीबिया की सरकार का कहना है कि वो राजनीतिक सुधार के हक़ में है पर कर्नल मु्अम्मर गद्दाफ़ी को सत्ता में बनाए रखना ज़रुरी है ताकि एक और इराक़ और सोमालिया न पैदा हो जाए.

रॉयटर्स समाचार एजेंसी से सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि कर्नल गद्दाफ़ी देश को एकजुट करने वाली एक ताक़त है और उनके सैनिकों ने केवल सशस्त्र छापामारों को निशाना बनाया है न कि नागरिकों को.

रिपोर्टें हैं कि लीबिया के नेता त्रिपोली में लोगों के बीच नज़र आए हैं.

इस बीच मिसराता शहर से आए शरणार्थियों ने गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों पर नागरिकों के ख़िलाफ़ अत्याचार के आरोप लगाए हैं.

देश के पूर्व में अब भी लड़ाई जारी है और छापामार अपनी खोई हुई ज़मीन वापिस पाने की कोशिश में लगे हुए हैं. गठबंधन विमानों ने कर्नल गद्दाफ़ी की गाड़ियों पर हमले किए.

पिछले दो महीनों में, जब से गद्दाफ़ी शासन के ख़िलाफ़ विरोध शुरु हुआ है, तेल से भरपूर इस देश के तटीय इलाक़े के पूर्व में छापामार सैनिको और त्रिपोली और पश्चिम में सरकार के समर्थकों के बीच बराबर बंट गए है.

गद्दाफ़ी के पुत्र का कहना है कि उनके पिता लीबिया के विदेश मंत्री मूसा कूसा के लंदन पहुँचने और दल बदलने को विश्वासघात नहीं मानते.

सैफ़ अल इस्लाम ने बीबीसी को बताया कि कूसा स्वास्थ्य की वजह से ब्रिटेन गए हैं, वो वृद्ध हो चुके है, बीमार हैं और उन्हें इलाज की ज़रुरत है.

चुनाव, जनमतसंग्रह, कुछ भी

लीबिया सरकार के एक दूत, विदेश उपमंत्री अब्दलाती ओबैदी आजकल यूरोपीय देशों के दौरे पर हैं और उनकी कोशिश इस संकट से निदान पाने की है.

त्रिपोली में बोलते हुए सरकार के प्रवक्ता मूसा इब्राहीम ने कहा कि कर्नल गद्दाफ़ी देश को एकजुट रखने के लिए एक सेफ्टी वॉल्व हैं.

उन्होंने कहा, “लीबिया का नेता यहां के क़बीलों और नागरिकों को एकजुट रखने वाली ताक़त है. कई लीबियाई चाहते हैं कि वो इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं क्योंकि उनको डर है कि अगर उनका नेतृत्व नहीं रहता तो वहीं होगा जो इराक़ में हुआ, जो सोमालिया में हुआ या जो अफ़गानिस्तान में हो रहा है.”

उन्होंने कहा, “लीबिया राजनीतिक सुधार के लिए तैयार है, चुनाव हो, जनमत संग्रह हो या कुछ भी. इसे हमारे नेता ही आगे बढ़ा सकते हैं.”

उन्होंने नागरिकों पर हमलों के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि बाहर की दुनिया चाहे तो इन तथाकथित युद्ध अपराधों की जांच कर सकती है.

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