भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद: मुबारक

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Image caption होस्नी मुबारक ने जन प्रदर्शनों के बाद सत्ता छोड़ दी थी.

मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने सत्ता से हटाए जाने के बाद अपने पहले सार्वजनकि बयान में कहा है कि उनके परिवार के ख़िलाफ़ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप बेबुनियाद हैं.

मुबारक को दो महीने पहले सरकार के खिलाफ़ व्यापक प्रदर्शनों के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा देना पडा था और वो शर्म अल शेख चले गए थे.

मुबारक का कहना था कि किसी भी अन्य देशमें उनकी कोई संपत्ति नहीं है.

अल अरबिया टीवी चैनल पर मुबारक का एक रिकार्ड किया हुआ बयान प्रसारित किया गया है.

इसमें वो कहते हैं, ‘‘ मैं बहुत दुःखी हूं क्योंकि मेरे ख़िलाफ़ अन्यायपूर्ण अभियान चलाया गया और ग़लत आरोप लगाए गए. मुझ पर और मेरे परिवार को इन आरोपों का निशाना बनाया गया.’’

मुबारक कहते हैं, ‘‘ इन प्रदर्शनों का उद्देश्य मेरी छवि ख़राब करना और मेरी ईमानदारी, मेरे राजनीतिक और सैन्य इतिहास को बट्टा लगाना था. मैंने मिस्र की जनता के लिए और इस देश के लिए शांति और युद्ध के समय काम किया है.’’

82 वर्षीय मुबारक ने आखिरी बार 10 फरवरी को टीवी पर अपने संदेश में सत्ता छोड़ने से इंकार किया था जिसके बाद से उन्होंने कोई बयान सामने नहीं आया था. एक दिन के बाद वो काहिरा से चले गए थे और शर्म अल शेख में अपने घर में रहने लगे थे.

कहा जाता है कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है लेकिन उनके अधिकारी इस बात का खंडन करते हैं.

इससे पहले शुक्रवार को तहरीर चौक पर एक बार फिर प्रदर्शन हुए जिसमें मुबारक और उनके परिवार वालों के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मामले चलाने की मांग की गई.

इन प्रदर्शनों के दौरान एक व्यक्ति की उस समय मौत हो गई जब सेना ने चौराहे को खाली कराने के लिए बल प्रयोग किया.हालांकि सेना ने इस बात का खंडन किया है कि उन्होंने गोलियां चलाई थीं.

मुबारक का कहना है कि वो किसी भी जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं और ये साबित कर सकते हैं कि विदेशों में उनकी कोई संपत्ति नहीं है और न ही विदेशी खाते हैं.

अल अरबिया के अनुसार शुक्रवार के प्रदर्शनों के बाद मुबारक का यह भाषण शनिवार को रिकार्ड किया गया था.

संवाददाताओं का कहना है कि काहिरा में प्रदर्शनकारी बदलाव की धीमी गति से बेहद नाखुश हैं. मुबारक के जाने के बाद सैन्य समिति ने सत्ता अपने हाथ में ली है.

मिस्र में कई लोगों का मानना है कि सैन्य समिति मुबारक के बचाव में लगी है.

हालांकि मिस्र के सरकारी अभियोजक ने मुबारक और उनके परिवार के देश छोड़कर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है. उनकी परिसंपत्तियां जब्त कर ली गई हैं.

इतना ही नहीं मिस्र ने कई देशों से आग्रह किया है कि वो मुबारक या उनके परिवार से जुड़े खातों को सील कर दें.