मुबारक के ख़िलाफ़ सम्मान जारी

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मिस्र में अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को पूछताछ के लिए सम्मन जारी किए हैं.साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अहमद नज़ीफ़ को सार्वजनिक धनकोष के कथित दुरुपयोग के मामले में हिरासत में ले लिया है.

दो महीने पहले मुबारक को सत्ता से हटाए जाने के बाद अहमद नज़ीफ़ सबसे वरिष्ठ व्यक्ति हैं जिन्हें हिरासत में लिया गया है.

मुबारक ने सत्ता जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान दिया है कि उन पर भ्रष्टाचार के ग़लत आरोप लगाए गए हैं.

रविवार को प्रसारित हुए मुबारक के बयान के कुछ घंटे बाद उन्हें सम्मन जारी करने की घोषणा आई है.

अल अरबिया टीवी चैनल पर मुबारक का एक रिकॉर्ड किया हुआ बयान प्रसारित किया गया है. इसमें वो कहते हैं, ‘‘ मैं बहुत दुःखी हूं क्योंकि मेरे ख़िलाफ़ अन्यायपूर्ण अभियान चलाया गया और ग़लत आरोप लगाए गए. मुझ पर और मेरे परिवार को इन आरोपों का निशाना बनाया गया.’’

सेना के साथ झड़प

82 वर्षीय मुबारक ने आखिरी बार 10 फ़रवरी को टीवी पर अपने संदेश में सत्ता छोड़ने से इंकार किया था जिसके बाद से उन्होंने कोई बयान सामने नहीं आया था.

होस्नी मुबारक के खिलाफ़ व्यापक प्रदर्शनों के बाद दो महीने पहले 11 फ़रवरी को उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा देना पडा था और वो शर्म अल शेख चले गए थे. इन प्रदर्शनों में 365 लोग मारे गए थे.

पिछले कुछ दिनों में काहिरा के तहरीर चौराहे पर प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच झड़पें हो रही हैं. प्रदर्शनकारियों की माँग है कि पूर्व राष्ट्रपति मुबारक, उनके परिवार और सहयोगियों पर मुकदमे चलाए जाएं.

अनुमान लगाया जा रहा है कि मुबारक और उनके परिवार के पास एक अरब डॉलर से लेकर 70 अरब डॉलर तक की संपत्ति है.

मुबारक और उनके परिवार के मिस्र छोड़कर जाने पर पाबंदी है और उनकी संपत्ति ज़ब्त कर ली गई है.

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