'मुंबई हमलों में पाकिस्तान सरकार का हाथ'

Image caption 2008 में हुए मुंबई हमलों में ताजमहल होटल को भी निशाना बनाया गया

मुंबई हमलों के प्रमुख अभियुक्त डेविड कोलमैन हेडली और तहव्वुर हुसैन राणा का कहना है कि ये हमले पाकिस्तान की सरकार और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के आदेश पर किए गए थे.

राणा ने अमरीका के शिकागो शहर की एक अदालत में अपनी गवाही के दौरान ये बातें कहीं.

अमरीका के अख़बारों में ये ख़बर ऐसे समय आई है, जब पाकिस्तान के आईएसआई प्रमुख अहमद शुजा पाशा अमरीका के दौरे पर हैं और अमरीका से मांग कर रहे हैं कि वह पाकिस्तान में अपने अधिकारियों की संख्या घटाए.

आम धारणा ये है कि पाकिस्तान का चरमपंथी संगठन लश्करे तैयबा इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार था.

लेकिन इन अभियुक्तों का कहना है कि वो पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के कहने पर मुंबई के उन ठिकानों का जायज़ा लेने गए थे, जहाँ बाद में हमले हुए.

ये सनसनीख़ेज़ ख़बर ‘बॉस्टन ग्लोब’ नामक एक अमरीकी अख़बार ने छापी है.

अख़बार का कहना है कि शिकागो की अदालत में राणा ने दावा किया कि उन्हे राजनयिक विशेषाधिकार दिए जाएं और मुक़दमा ख़ारिज किया जाए क्योंकि वह पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के लिए काम कर रहे थे.

राणा की गवाही

राणा ने सबूत के तौर पर हेडली के उस बयान का हवाला दिया जो उसने एक ग्रैंड ज्यूरी के सामने दिया था.

हेडली ने दावा किया था कि वो पाकिस्तानी सरकार और आईएसआई के लिए काम कर रहा था. उन्होंने आईएसआई के कुछ अफ़सरों के नाम भी लिए थे.

लेकिन अदालत ने राणा की जिरह नामंज़ूर कर दी है और आदेश दिया है कि 16 मई को उनके ख़िलाफ़ मुक़दमा शुरू किया जाए.

अख़बार लिखता है कि मुक़दमा शुरू होने के बाद दोनों अभियुक्तों के बयानों से भारत और पाकिस्तान के बीच फिर तनाव पैदा हो सकता है.

हालांकि यह इक़बालिया बयान महज़ दावे भी हो सकते हैं लेकिन इसकी सफ़ाई पाकिस्तान को देनी पड़ेगी.

हमलों के बारे में भारतीय पुलिस को शक था कि ये केवल लश्करे तैयबा के कहने पर नहीं किए गए हैं बल्कि इनमें पाकिस्तानी सरकार या आईएसआई का भी हाथ है.

राणा और हेडली के अदालती बयानों से अब भारत का शक़ यक़ीन में बदलता जा रहा है.

संबंधित समाचार