फ़ुकुशिमा के प्रभावितों को मुआवज़ा

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Image caption जापान में आए भूकंप की वजह से फ़ुकुशिमा संयत्र के रिएक्टर में दरार पड़ गई थी. बाद में रिएक्टर के गर्म होने का असर भी प्लांट पर पड़ा.

जापान की सरकार ने फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र को चलाने वाली कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी को पिछले महीने हुई दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को मुआवज़ा देने का हुक्म दिया है.

इसके तहत फ़ुकुशिमा दुर्घटना से प्रभावित हुए 50 हज़ार परिवारों में से हर परिवार को 12 हज़ार डॉलर का अंतरिम मुआवज़ा मिलेगा. ये मुआवज़ा उन परिवारों को मिलेगा जो प्लांट के 30 किलोमीटर के दायरे में रहते थे और जिन्हें दुर्घटना के बाद घर छोड़ना पड़ा था.

लोगों को दी जानेवाली ये राहत राशि कुल मुआवज़े का पहला हिस्सा है जिसपर सरकार बाद में फ़ैसला लेगी.

अनुमान लगाया जा रहा है कि पहली खेप की सहायता राशि के लिए पावर कंपनी को साल के आख़िर तक मुआवज़े में 24 अरब डॉलर देने होंगें.

ये साफ़ नहीं है कि इतनी बड़ी रक़म जुटाने में कंपनी को जापान हुकुमत से किस तरह की मदद मिल सकती है.

प्रभावित लोग

संयंत्र से रेडियोर्धमी तत्व के रिसाव शुरू होने के बाद जापानी सरकार ने प्लांट के आस पास के 30 किलोमीटर के इलाक़े को ख़ाली करवा लिया था.

टोक्यो से बीबीसी संवाददाता रॉलैन्ड बर्क का कहना है कि घर-बार छोड़ने के बाद लोग पिछले लगभग एक महीने से शिविरों में रह रहे हैं.

व्यापार संस्थानो के बंद होने और इलाक़े में खेती-बाड़ी पर लगी रोक की वजह से लोगों के पास जीवनयापन का कोई साधन नहीं है.

मुआवज़ा दिए जाने में हुई देरी को लेकर जापान और टेप्को की काफ़ी आलोचना हुई है.

लोगों ने टेप्को मुख्यालय के बाहर प्रर्दशन भी किए हैं.

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