'गद्दाफ़ी के रहते शांति संभव नहीं'

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Image caption रिपोर्टों के मुताबिक गुरुवार को गद्दाफ़ी सड़कों पर निकले और समर्थकों के बीच गए.

अमरीका, ब्रिटेन और फ़्रांस के नेताओं ने एक संयुक्त पत्र में जो़र देकर कहा है कि जब तक कर्नल गद्दाफ़ी सत्ता में है तब तक लीबिया में शांति बहाल नहीं हो सकती.

अमरीका के राष्ट्रपति ओबामा, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कैमरन और फ़्रांस के राष्ट्रपति सार्कोज़ी ने कई मुख्य अख़बारों को संयुक्त पत्र लिखा है कि लीबिया में नागरिकों को बचाना भर काफ़ी नहीं है और गद्दाफ़ी को जाना होगा.

तीनों नेताओं ने कहा है कि भले ही लीबिया में सैन्य अभियान को लेकर मतभेद हों लेकिन गद्दाफ़ी पर दवाब डालने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है कि नैटो का अभियान जारी रहे.

बीबीसी संवाददाता पॉल एड्स के मुताबिक इस तरह अख़बारों को पत्र लिखना कोई आम बात नहीं है.

टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट और ल फ़िगरो अख़बार में प्रकाशित पत्र में तीनों नेताओं ने लिखा है कि मिस्राता और अजदाबिया जैसे शहरों में गद्दाफ़ी के कारण लोगों को तकलीफ़ झेलनी पड़ रही है.

इस संयुक्त चिट्ठी में लिखा है, “अगर गद्दाफ़ी को सत्ता में रहने दिया गया तो ये लीबिायाई लोगों के साथ धोखा होगा. इससे लीबिया एक विफल देश बन जाएगा. नागरिकों की सुरक्षा के लिए नैटो का अभियान ज़रूरी है. तभी असल मायनों में तानाशाही की जगह एक संवैधानिक प्रक्रिया की शुरुआत होगी.”

नैटो का संकट

लीबिया में अभियान के लिए नैटो को अतिरिक्त लड़ाकू विमान नहीं मिल रहे हैं.

नैटो के 28 सदस्यों में से कुछ देश ही हवाई हमलों में शामिल हो रहे हैं जैसे ब्रिटेन, फ़्रांस, कनाडा, बेल्जियम, नॉर्वे और डेनमार्क.

नैटो को महासचिव एनर्स फ़ो रैसमूसेन ने बर्लिन में कहा है कि उन्हें किसी सहयोगी देश से मदद की पेशकश नहीं मिली है. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य देश भी आगे आएँगे.

लेकिन नैटो देशों ने हवाई हमलों में शामिल होने के ब्रिटेन और फ़्रांस के आग्रह पर सकारात्मक टिप्पणी नहीं की है.

अमरीका ने कहा है कि वो सहयोगी की भूमिका निभाता रहेगा वहीं स्पेन ने कहा है कि ज़मीनी हमलों में हिस्सा लेने का उसका कोई इरादा नहीं है.

नैटो देश संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव को लागू कर रहे हैं जिसमें लीबिया में नागरिकों की सुरक्षा के लिए नो-फ़्लाई ज़ोन बनाने को मंज़ूरी दी गई है.

लीबिया में गुरुवार को ज़मीनी लड़ाई और नैटो की बमबारी जारी रही.

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