जगन की संपत्ति से गरमाई राजनीति

Image caption निर्दलीय प्रत्याशी जगन मोहन रेड्डी

आंध्रप्रदेश में कडप्पा लोकसभा उपचुनाव के एक मुख्य प्रत्याशी और कांग्रेस के बाग़ी नेता वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने अपनी जो संपत्ति घोषित की है उससे दूसरे दलों के उम्मीदवारों को उनके ख़िलाफ़ बैठे बिठाए एक मुद्दा मिल गया है.

उन्होंने अपने नामांकन पत्र के साथ जो हलफ़नामा दाखिल किया है उसके अनुसार जगन और उनकी पत्नी भारती के पास 446 करोड़ रुपये की संपत्ति है. इइसमें नकद राशि के अलावा सोने के गहने, हीरे जवाहरात और ज़मीन-जायदाद शामिल हैं. गत कुछ वर्षों में जिस तेज़ गति से जगन की संपत्ति बढ़ी है उसने हर एक को आश्चर्य में डाल दिया है. इस पर विपक्षी दलों ने जो प्रतिक्रया दी है, उससे लगता है कि उपचुनाव में जगन की संपत्ति ही मुख्य चुनावी मुद्दा बनेगी.

चार सौ गुना बढ़ी संपत्ति

इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption टीडीपी नेता चंद्र बाबू नायडू

दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के इकलौते पुत्र जगनमोहन रेड्डी ने 2004 में आयकर विभाग को दिए गए ब्योरे में अपनी संपत्ति केवल एक करोड़ 74 लाख रुपए बताई थी. 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे जगन मोहन रेड्डी की संपत्ति बढ़कर 77 करोड़ 39 लाख रुपए हो गई थी और अब केवल दो वर्ष बाद ये लगभग 450 करोड़ तक पहुंच गई है. उपचुनाव में दिए हलफ़नामे में जगन ने ख़ुद को व्यापारी और उद्योगपति बताया है जिनका बिजली, सीमेंट, रियल एस्टेट से लेकर मीडिया तक कई क्षेत्रों में फैला कारोबार है.

प्रत्याशियों ने उठाए सवाल

लेकिन कई राजनीतिक दलों ने जगन की संपत्ति में हुई इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर सवाल उठाए हैं.

नवंबर महीने में जिस कांग्रेस पार्टी से जगन मोहन रेड्डी ने इस्तीफ़ा दे दिया था, उसने भी पूछा है कि जगन आम लोगों के इस सवाल का जवाब दें कि उनके पास इतनी संपत्ति कहां से आई.

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता तुलसी रेड्डी ने आरोप लगाते हुए कहा है कि ये काला धन है जिसे जगन मोहन रेड्डी ने अवैध तरीक़ों से जमा किया है. मुख्य विपक्षी दल तेलुगु देसम के मुताबिक, ''जगन अभी भी अपनी संपत्ति को कम करके बता रहे हैं,उनकी संपत्ति इससे कहीं ज़्यादा है''. तेलुगु देसम संसदीय दल के नेता नागेश्वर राव ने चुनाव आयोग से मांग की है कि ग़लत हलफ़नामा देने की वजह से जगन को चुनाव के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाना चाहिए. तेलुगु देसम पार्टी के महासचिव वर्ला रमैय्या ने कहा कि,'' जब हैदराबाद में जगन के दो घरों की क़ीमत ही 450 करोड़ रुपए है तो इनकी कुल संपत्ति का मूल्य इतना कम कैसे हो सकता है''?

उन्होंने कहा कि गत छह वर्षों में ही जगन की संपत्ति में चार सौ गुना वृद्धि हुई है जबकि देश के किसी भी दुसरे उद्योगपति की संपत्ति इतनी तेज़ी से नहीं बढ़ी है. इस बीच कडप्पा लोकसभा क्षेत्र में माहौल बहुत गर्म हो गया है और वहां की स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है.

परिवार के लिए अहम उपचुनाव

Image caption अपने समर्थकों के बीच जगन मोहन रेड्डी

कडप्पा लोकसभा और पुलिवेंदुला विधानसभा क्षेत्र में आठ मई को मतदान होना है.

कडप्पा की सीट जगन मोहन रेड्डी और पुलिवेंदुला की सीट उनकी मां विजयलक्ष्मी के इस्ताफे़ से खाली हुई थी. और अब वे दोनों निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में इन सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.

कडप्पा में जगन के विरुद्ध कांग्रेस ने एक वरिष्ठ मंत्री डीएल रविन्द्र रेड्डी को उतारा है जबकि तेलुगु देसम के उम्मीदवार राज्यसभा के सदस्य मैसूरा रेड्डी हैं. पुलिवेंदुला में मुक़ाबला वाईएसआर परिवार के दो सदस्यों के बीच होगा.

वाईएसआर की पत्नी विजयलक्ष्मी के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने वाईएसआर के छोटे भाई विवेकानंद रेड्डी को उतारा है. ऐसे आरोपों के बाद कि कडप्पा में मतदाताओं को खरीदने के लिए पैसे बांटे जा रहे हैं, चुनाव आयोग ने सुरक्षा और कड़ी कर दी है.

अब तक की तलाशी में एक करोड़ रुपए से ज़्यादा की राशि पकड़ी जा चुकी है.

संबंधित समाचार