लौहयुग की सामूहिक क़ब्र

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Image caption इंगलैंड में लौहयुग की एक सामूहिक क़ब्र मिली है

इंगलैंड के डार्बिशायर इलाक़े में एक सामूहिक क़ब्र मिली है जिसमें महिलाओं और बच्चों के अवशेष पाए गए हैं.

समझा जाता है कि ये शव 2,400 साल पहले दफ़नाए गए होंगे.

पुरातत्ववेत्ताओं का कहना है कि ये इस बात का संकेत है कि लौह युग अधिक बर्बर रहा होगा.

इस क़ब्रिस्तान में केवल महिलाओं और बच्चों के शव मिले जो उस युग में पृथक्करण का पहला उदाहरण है.

फ़िन कॉप नामक क़िले के पास बनी एक खाई के एक हिस्से में कुल नौ अस्थिपंजर मिले हैं.

वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खाई में और कई सौ शव दफ़्न हो सकते हैं क्योंकि अभी तक इस खाई के एक हिस्से की ही खुदाई हुई है.

इस क़िले का निर्माण संभवत: 440 ईसापूर्व से लेकर 390 ईसापूर्व के बीच हुआ था लेकिन ये पूरा होने से पहले ही नष्ट कर दिया गया.

पत्थरों से बनी क़िले की दीवार तोड़ दी गई और उसके मलबे से 400 मीटर लम्बी इस खाई को पाटा गया.

एक दूसरी बाहरी दीवार और खाई का निर्माण भी शुरु किया गया लेकिन पूरा नहीं हुआ.

लौह युग का युद्ध

आर्कियोलॉजिकल रिसर्च सर्विसिज़ के डॉ क्लाइव वॉडिंगटन जिन्होने इस खुदाई का नेतृत्व किया उनका कहना है कि इस क़ब्र से रोमन कालीन ब्रिटेन से पहले होने वाली लड़ाइयों की एक झलक मिलती है.

उन्होने कहा, "बहुत से पुरातत्ववेत्ता ये मानते हैं कि पहाड़ी क़िले शक्ति, प्रतिष्ठा और हैसियत का प्रदर्शन हुआ करते थे और ब्रिटेन के लौहयुग में युद्ध के प्रमाण न के बराबर मिले हैं".

जो शव मिले हैं वो महिलाओं और शिशुओं के हैं लेकिन उनमें एक किशोर भी है. पुरातत्ववेत्ताओं की टीम को लगता है कि इस क़िले पर हमला हुआ होगा और उस पर क़ब्ज़ा करने के बाद पुरुषों को गिरफ़्तार कर लिया गया होगा और महिलाओं और बच्चों की हत्या कर दी गई होगी.

ये सभी अवशेष इस खाई के 10 मीटर लम्बे हिस्से में मिले हैं. ये खाई पांच मीटर चौड़ी और दो मीटर गहरी है.

इस खाई में जानवरों की भी हड्डियां मिलीं हैं जिससे पता चलता है कि इस क़िले में रहने वाले मवेशी, भेड़ें और सूअर पालते थे. घोड़ों के अवशेष भी मिले हैं जो दिखाते हैं कि इस क़िले में रहने वाले कुछ लोग ऊंचे पदों पर रहे होंगे.

लगभग ढाई हज़ार साल पुराने होने के बावजूद ये अवशेष अपेक्षाकृत अच्छी दशा में मिले हैं.

इसका एक कारण ये है कि इस इलाक़े की धरती चूना पत्थर की है जिसमें जैविक पदार्थ का क्षय धीरे धीरे होता है.

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